नई दिल्ली: तीन दिन तक हुई हिंसा के बाद अब पूर्वी-उत्तर दिल्ली में शांति है. बुधवार और रात में हिंसा की घटनाओं की खबर नहीं आई है. आज दिल्ली हिंसा मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है. एक दिन पहले हाई कोर्ट ने पुलिस की कड़ी फटकार लगाई थी. हिंसा में तीन दिनों में 34 लोगों की मौत हो चुकी है. कई इलाकों में कर्फ्यू लगा हुआ है. बुधवार को ये संख्या 27 थी, जबकि आज अब तक 7 लोगों की मौत हुई है. Also Read - Covid-19: गृह मंत्री अमित शाह से लेकर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ तक, इन राज नेताओं ने जलाए दीये

उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले में भड़की हिंसा के मामले में पुलिस ने बुधवार तक 18 एफआईआर अलग-अलग थानों में दर्ज कर ली हैं. अब तक हिंसा फैलाने वालों में जिन आरोपियों की पहचान हुई है, उनमें से 106 को गिरफ्तार कर लिया गया है. जबकि हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है. दिल्ली पुलिस ने पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस-कान्फ्रेंस में यह जानकारी दी.

पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, जो 18 एफआईआर दर्ज की गई हैं, उनमें आरोपियों की तलाश की जा रही है. सीसीटीवी की मदद से पहचान करके अन्य आरोपियों की धर-पकड़ के लिए छापामारी जारी है. जल्दी कई और लोग गिरफ्तार कर लिए जाएंगे. दिल्ली पुलिस प्रवक्ता ने आगे कहा कि हिंसा के दौरान छतों से पथराव हो रहा था. इन छतों पर ड्रोन से नजर रखी जा रही है. कई छतों पर ईंट-पत्थरों का जमावाड़ा नजर आया. पुलिस फोर्स ने ऐसी छतों की सफाई करा दी. उपद्रवियों की पहचान सीसीटीवी से भी की जा रही है.

प्रवक्ता के मुताबिक, “इलाके में बुधवार को पूरी तरह शांति रही. कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई. आम नागरिकों की मदद के लिए पुलिस ने 22829334 और 22829335 दो टेलीफोन नंबर 24 घंटे के लिए शुरू कर दिए हैं, ताकि अगर आपातस्थिति में 112 पर मदद न मिल सके तो इन नंबरों पर तुरंत मदद मांगी जा सके. दिल्ली पुलिस ने आमजन से आग्रह किया है कि वह अफवाहों से दूर रहे.

अफवाहे फैलाने वालों पर पुलिस भी कड़ी नजर रख रही है. संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है. दिल्ली पुलिस के साथ साथ अर्धसैनिक भी तैनात की गई.