नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने शनिवार को बताया कि पिछले महीने उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगे के सिलसिले में 690 मामले दर्ज किए गए हैं और करीब 2,200 लोगों को हिरासत में लिया गया है या गिरफ्तार किया गया है. इस हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई थी जबकि करीब 200 लोग घायल हुए हैं. पुलिस की ओर से जारी बयान के मुताबिक शस्त्र कानून के तहत 48 मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस ने बताया कि सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में अब तक कुल 2,193 लोगों को या तो हिरासत में लिया गया है या गिरफ्तार किया गया है. इनमें से 50 लोगों को शस्त्र कानून के तहत गिरफ्तार किया गया है. Also Read - मौलाना साद को गिरफ्तार नहीं करेगी दिल्ली पुलिस, सामने आए तो क्वारंटाइन में रखा जाएगा

इस बीच, हिंसा के दौरान एक व्यक्ति की हत्या करने के आरोप में 27 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया गया है. अपराध शाखा दंगों के दौरान हुई हत्याओं की जांच कर रही है और इसी सिलसिले में शाहनवाज नामक व्यक्ति को 20 वर्षीय दिलबर सिंह नेगी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है जबकि मामले में दूसरे संदिग्ध की पहचान करने की कोशिश की जा रही है. पुलिस ने बताया कि नेगी का क्षत-विक्षत शव 26 फरवरी को ब्रह्मपुरी में बरामद हुआ था. वह उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल का रहने वाला था और छह महीने पहले राष्ट्रीय राजधानी आया था. वह दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में एक मिठाई की दुकान पर काम करता था. Also Read - निजामुद्दीन मरकज को खाली कराने वाली टीम में शामिल रहे दिल्‍ली पुलिस के 7 जवान छुट्टी पर भेजे गए

वहीं, सांप्रदायिक हिंसा के दौरान मौजपुर में एक पुलिसकर्मी पर बंदूक तानने वाले शाहरुख पठान को शनिवार को तीन और दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. शाहरुख (23) द्वारा पुलिस कांस्टेबल दीपक दहिया पर बंदूक तानने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी और उसे मंगलवार को उत्तर प्रदेश के शामली जिले से गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने शुक्रवार को शाहरुख के उत्तर पूर्वी दिल्ली के घोण्डा स्थित घर से वह पिस्तौल बरामद कर ली जो उसने दहिया पर तानी थी. वायरल वीडियो में शाहरुख जफराबाद-मौजपुर रोड पर 24 फरवरी को पुलिसकर्मी पर पिस्तौल ताने हुए दिख रहा है, बाद में उसने हवा में गोली चलाई. गोली चलाने के बाद शाहरुख पिस्तौल घर पर रखकर अपनी कार से फरार हो गया.

पुलिस ने कहा कि घटना के बाद खुद को समाचार चैनलों पर प्रसारित खबरों में देखने के बाद शाहरुख ने अपने कपड़े बदले और पंजाब भाग गया. इसके बाद वह उत्तर प्रदेश के बरेली में चला गया और अंतत: शामली में अपने एक दोस्त के घर जाकर छिप गया. उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया कि उसने मादक पदार्थों के कथित तस्कर को गिरफ्तार किया है जिसपर दंगों के बाद शाहरुख को दिल्ली से भागने में मदद करने का आरोप है.

उत्तर प्रदेश पुलिस ने बताया कि दिल्ली पुलिस के नार्कोटिक प्रकोष्ठ को गांजे की तस्करी के मामले में 28 वर्षीय कलीम की तलाश थी. आम आदमी के पार्षद (आप) ताहिर हुसैन को अदालत ने सात दिनों के लिए पुलिस की हिरासत में भेज दिया है. उसे खुफिया विभाग के कर्मी अंकित शर्मा की हत्या के आरोप में गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था. अंकित शर्मा के पिता की शिकायत पर पुलिस ने हुसैन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. हालांकि, हुसैन ने आरोपों से इनकार किया है जबकि आप ने उसकी पार्टी सदस्यता निलंबित कर दी है.

आप सरकार ने दंगा पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा देने के लिए शनिवार को दो दिवसीय सत्यापन अभियान शुरू किया. एक अधिकारी ने बताया कि अबतक सरकार पीड़ितों के मुआवजे के रूप में तीन करोड़ रुपये जारी कर चुकी है और इनमें कई मुस्तफाबाद के ईदगाह स्थित अस्थायी शिविर में रह रहे हैं. अधिकारी ने बताया कि सत्यापन का काम पूरा होने के बाद पीड़ितों की अंतिम सूची तैयार की जाएगी और अगले हफ्ते से पुनर्वास कार्य शुरू हो जाएगा. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि दंगों के बाद राष्ट्रीय राजधानी में अमन समिति के साथ 262 बैठकें की गई हैं.

दिल्ली सरकार के मुताबिक हिंसा में 53 लोगों की मौत हुई है और अन्य करीब 200 लोग घायल हुए हैं. हिंसा के दौरान एसीपी गोकलपुरी से संबद्ध हेड कांस्टेबल रतनलाल की भी जान चली गई, जबकि शाहदरा के पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा सहित कई पुलिस कर्मी घायल हुए थे.