नई दिल्ली: जामिया हिंसा मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हिंसा किसी भी हाल में रुकना चाहिए. मुख्य न्यायधीश एस.ए.बोबड़े ने कहा कि हम किसी को आरोपी नहीं कह रहे है. हम यह भी नहीं कह रहे हैं कि पुलिस या छात्र निर्दोष हैं. कोर्ट ने कहा कि आप छात्र है इसका यह मतलब नहीं कि आप कानून अपने हाथ में लें. मायने यह रखता है कि बस जलाई गई है. मुख्य न्यायधीश ने कहा कि अगर हिंसा नहीं रुकी तो कोर्ट इस मामले पर सुनवाई नहीं करेगा.

गौरतलब है कि नागरिकता कानून के खिलाफ यह प्रदर्शन जमिया नगर इलाके में किया जा रहा था. इस बीच डीटीसी की तीन बसों को आग के हवाले कर दिया गया. इस दौरान हिंसा को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा. पुलिस ने इस बाबत 2 थानों में केस दर्ज किया है. पहला केस न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में दर्ज किया गया है. दूसरा केस जामिया नगर थाने में दर्ज किया गया है. पुलिस ने आगजनी, दंगा भड़काने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में केस दर्ज किया है. हालांकि मुकदमा किसके खिलाफ दर्ज किया गया है यह अब तक साफ नहीं हो सका है.

मामले के कोर्ट पहुंचने के बाद मुख्य न्यायधीश से कमेटी गठित करने मांग की गई है साथ ही छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करने की मांग भी की गई है. बता दें कि इस मामले को अब राजनीतिक रंग भी दिया जाने लगा है. सभी पार्टियां एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने में जुटी हुई हैं.