नई दिल्ली: केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दिल्ली हिंसा पर दिए गये बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. इसके साथ ही दिल्ली के उत्तर पूर्व इलाकों में हिंसा पर सरकार ने कहा है कि इस पूरे मामले की जांच होगी, जांच के बाद सच्चाई बाहर आएगी. Also Read - केंद्र सरकार पर कांग्रेस का आरोप, डर कर बदला दवा देने का फैसला, 1971 में इंदिरा गांधी ने दिया था करारा जवाब

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दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए जावेड़कर ने कहा कि अभी हिंसा समाप्त हो रही है, लोग अस्पताल में हैं, सभी पार्टी शांति की बात करते हैं. ऐसे में सरकार पर दोषारोपण करना गंदी राजनीति है. बालाकोट पराक्रम का एक साल पूरे होने पर जावेड़कर ने कहा, “उस वक्त भी इस पर सवाल खड़े किए थे. सर्जिकल स्ट्राइक भी सवाल खड़े किए थे. अब वे पूछ रहे हैं कि अमित शाह कहां है, जबकि उन्होंने कल सभी के साथ बैठक की. अमित शाह जहां भी रहे पुलिस का मनोबल बढ़ाते है. जावड़ेकर ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति से पुलिस का मनोबल गिरता है. इस पर राजनीति न करें. सबका काम है कि हिंसा स्थाई तौर पर रुके. जिनके हाथ सिखों की नरसंहार से रंगे हो वे इस तरह की बात कर रहे हैं. उन्होंने तो नरसंहार का समर्थन किया था. हम उस स्तर पर जाना नहीं चाहते कि कौन कहां है. लेकिन लोग तो कहेंगे कि बाबा कहां हैं?

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विपक्ष द्वारा अमित शाह के इस्तीफे की मांग हास्यास्पद
कपिल मिश्रा के बयान पर पूछे जाने पर सूचना प्रसारण मंत्री ने कहा कि मामला कोर्ट में है. 24 घंटे चलने वाले चैनल को तुरंत समाधान चाहिए. लेकिन सरकार जांच पर चलती है. विपक्ष द्वारा अमित शाह के इस्तीफे की मांग पर जावड़ेकर ने कहा कि इससे ज्यादा हास्यास्पद कुछ नहीं हो सकता. अमित शाह पूरे मामले को रोकने में लगे है.