नई दिल्ली: नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली के कई इलाकों में हुई हिंसा में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मीटिंग की. इसके बाद उन्होंने पूर्वोत्तर दिल्ली के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी किया. अजित डोभाल ने सीलमपुर में डीसीपी के कार्यालय में बैठक के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ पूर्वोत्तर दिल्ली के सीलमपुर, जाफराबाद, मौजपुर और गोकुलपुरी चौक का दौरा किया. डीसीपी नॉर्थईस्ट के साथ दिल्ली पुलिस के नवनियुक्त विशेष आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) एसएन श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों भी उनके साथ मौजूद रहे. Also Read - कोरोनावायरसः पुलिस ने खाली कराया शाहीन बाग, सौ दिन से चल रहा था CAA के खिलाफ प्रोटेस्ट

वहीं, दूसरी ओर हिंसा के दौरान जान गंवाने पुलिसकर्मी रतन लाल को शहीद का दर्जा देने की मांग शुरू हो गई है. राजस्थान के सदीनसर में परिजन व गाँव के लोग धरने पर बैठ गए. ये लोग रतनलाल को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग सरकार से कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने जाफराबाद में प्रदर्शन स्थल को खाली करा लिया है. प्रदर्शनकारियों में अधिकतर महिलाएं ही धरने पर बैठी थीं. धरना प्रदर्शन जाफराबाद मेट्रो के ठीक बाहर किया जा रहा था. Also Read - दिल्‍ली के शाहीन बाग धरनास्थल पर फेंका गया पेट्रोल बम

इससे पहले एनएसए अजित डोभाल ने गृह मंत्री अमित शाह के साथ भी बैठक की. 24 घंटे से भी कम समय में यह तीसरा बैठक दिल्ली पुलिस और उनके मंत्रालय के अधिकारियों के साथ हुई गृह मंत्री ने स्थिति से निपटने के लिए पार्टी लाइनों से ऊपर उठने का आग्रह किया. अमित शाह ने नेताओं से उत्तेजक भाषण और बयान देने से बचने का आग्रह किया. दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त (अपराध) सतीश गोलछा ने मंगलवार देर रात कहा कि प्रदर्शनकारियों ने जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर और मौजपुर चौक को भी साफ करा दिया है और स्थिति नियंत्रण में है. दिल्ली पुलिस ने बैरिकेड्स लगा दिए हैं और पूर्वोत्तर दिल्ली से गाजियाबाद की ओर जाने वाली सभी सड़कों को सील कर दिया है. Also Read - जनता कर्फ्यू में शामिल नहीं होंगी शाहीन बाग की दादियां, कहा- यहां मरना पसंद करूंगी