नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को पूर्व जेएनयू छात्र उमर खालिद, शरजील इमाम और फैजान खान के खिलाफ फरवरी में पूर्वोत्तर दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा में कथित साजिश से जुड़े एक मामले में दायर हालिया पूरक आरोपपत्र पर संज्ञान लिया. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने आदेश में कहा, “आरोपपत्र और दस्तावेजों के अध्ययन के बाद अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त सामग्री है.” अदालत ने आरोपियों के वकील को दो दिसंबर की दोपहर आरोपपत्र (चार्जशीट) की सॉफ्ट कॉपी क्लेक्ट करने का निर्देश दिया है. जमानत पर चल रहे फैजान को 22 दिसंबर को तलब किया गया है.Also Read - 'Hate Speech' पर हाईकोर्ट ने उमर खालिद से पूछे कई सवाल

अदालत ने कहा, चूंकि दो आरोपी व्यक्ति शरजील इमाम और उमर खालिद वेबेक्स ऐप के माध्यम से अपने वकील के साथ मौजूद हैं, इसलिए समन जारी करने की कोई आवश्यकता नहीं है. तीनों के खिलाफ रविवार को दिल्ली पुलिस ने 930 पन्नों की पूरक चार्जशीट दायर की थी. यह मामला दंगों को उकसाने के एक ‘षड्यंत्र’ से संबंधित है, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और 748 लोग घायल हुए थे. पुलिस ने दावा किया है कि सांप्रदायिक हिंसा खालिद और अन्य लोगों द्वारा कथित तौर पर रची गई एक पूर्व-निर्धारित साजिश थी. Also Read - उमर खालिद का भाषण ''अपने आप में आपत्तिजनक'' था और प्रथम दृष्टया स्वीकार्य नहीं है: दिल्‍ली हाईकोर्ट

तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र में कड़े गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और आपराधिक साजिश, हत्या, दंगा, राजद्रोह, गैरकानूनी तरीके से भीड़ एकत्र करने से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराएं जोड़ी गई हैं. उन पर धर्म, भाषा और जाति के आधार पर लोगों के बीच बैर बढ़ाने का भी आरोप है. Also Read - दिल्ली से भागने की योजना बना रहा था जहांगीरपुरी का शूटर सोनू चिकना : सूत्र

15 लोगों के खिलाफ मामले में पहली 17,500 पन्नों की चार्जशीट दिल्ली पुलिस ने दो महीने पहले दायर की थी. इसमें ताहिर हुसैन, सफूरा जरगर, गुलफिशा खातून, देवांगना कलिता, शफा-उर-रहमान, आसिफ इकबाल तन्हा, नताशा नरवाल, अब्दुल खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरान हैदर, शादाब अहमद, तल्सीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद अतहर खान के नाम शामिल हैं.

(इनपुट-आईएएनएस)