Delhi violence: उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली में हुई हिंसा को लेकर आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (Punishment for murder) के तहत दयालपुर पुलिस स्‍टेशन में केस दर्ज किया गया है. ताहिर पर दिल्ली में हिंसा भड़काने के आरोप भी लग रहे हैं. आरपे हैं कि ताहिर के मकान छत पर दंगे में इस्‍तेमाल किया जाने वाली चीजें भी मिली हैं. इनमें पत्थर और पट्रोल बम मिले हैं. Also Read - केजरीवाल ने लोगों को गीता पाठ करने की दी सलाह, कहा- गीता के 18 अध्याय की तरह लॉकडाउन के बचे हैं 18 दिन 

दिल्‍ली पुलिस ने शाम को ताहिर के गोदामों को भी सील कर दिया है. बता दें कि आईबी के कर्मचारी अंकित शर्मा (26) के परिवार ने ताहिर हुसैन पर हत्या का आरोप लगाया है और इस संबंध में शिकायत भी दर्ज कराई है. Also Read - केजरीवाल के विधायक पर दूसरी FIR दर्ज, योगी आदित्यनाथ पर की थी टिप्पणी

बता दें कि शर्मा मंगलवार को लापता हो गए थे. बुधवार को उनका शव उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगा प्रभावित चांद बाग इलाके में उनके घर के पास एक नाले से मिला था. आईबी के एएसआई अंकित शर्मा के परिजनों ने दावा किया कि उनकी हत्या के पीछे स्थानीय पार्षद और उसके साथियों का हाथ है. Also Read - कोरोनावायरसः पुलिस ने खाली कराया शाहीन बाग, सौ दिन से चल रहा था CAA के खिलाफ प्रोटेस्ट

आरोप के बाद आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन ने दंगों में और गुप्तचर ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी की हत्या में अपनी संलिप्तता से इनकार किया है.

राष्‍ट्रीय राजधानी दिल्‍ली के उत्‍तर-पूर्वी इलाके में हुई हिंसा में गुरुवार शाम को मृतकों की संख्‍या बढ़कर 38 हो गई है. वहीं, दिल्‍ली पुलिस ने हिंसा के सभी मामलों की जांच के लिए क्राइम ब्रांच के अंतर्गत दो एसआईटी गठित की हैं.

उत्‍तर-पूर्वी दिल्‍ली में हुई हिंसा में 34 लोगों की मौत जीटीबी हॉस्‍प‍िटल, 3 मौतें एलएनजेपी हॉस्‍पिटल और एक मौत जग
परवेश चंदर अस्‍पताल में हुई है. इससे पहले मौतों का आंकड़ा 34 बताया गया था.

गुरु तेग बहादुर अस्पताल ने 24 फरवरी से अब तक 215 पीड़ितों का इलाज किया है. 51 घायलों को वर्तमान में भर्ती किया
गया है और इलाज प्राप्त कर रहे हैं, सभी मरीजों की हालत स्थिर है सिर्फ एक को छोड़कर. अस्पताल में इलाज के दौरान 9
घायलों की मौत हो गई. 24 फरवरी से अब तक 25 मृत लोगों को लाया गया है.

गौरतलब है कि संशोधित नागरिकता कानून के समर्थक और विरोधी समूहों के बीच तीन दिन पहले हुई झड़प ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले लिया था, इसमें अब 38 लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हैं. उन्मादी भीड़ ने घरों, दुकानों, वाहनों और एक पेट्रोल पंप को आग लगा दी और स्थानीय लोगों तथा पुलिसकर्मियों पर पथराव किया. दंगा प्रभावित इलाकों में जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, यमुना विहार, भजनपुरा, चांद बाग और शिव विहार शामिल हैं.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गुरुवार को कहा, आप पार्षद ताहिर हुसैन के घर पर दंगा फैक्ट्री मिली. कांग्रेस और आप इस पर चुप क्यों हैं. उधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि दंगों में शामिल किसी भी नेता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और हिंसा को सियासी रंग नहीं दिया जाना चाहिए.