नई दिल्ली: संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा में मरने वालों की संख्या बुधवार को बढ़कर 22 हो गई. जबकि मंगलवार को मृतक संख्या 13 थी. उधर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने बुधवार को दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और उत्तर पूर्वी दिल्ली में हालात पर उनके साथ चर्चा की. साथ ही दोपहर बाद उत्तर पूर्वी दिल्ली के हिंसा से प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थानीय लोगों से बातचीत की. इस दौरान एनएसस डोभाल ने कहा कि प्रेम की भावना बनाकर रखिए. हमारा एक देश है. हम सबको मिलकर रहना है. देश को मिलकर आगे बढ़ाना है. Also Read - Hathras Murder Case: CM Yogi ने हत्‍या के सभी आरोपियों पर NSA लगाने के निर्देश दिए

  Also Read - NSA अजीत डोवाल के ऑफिस की आतंकियों ने की रेकी, वीडियो भेजा गया पाकिस्तान, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल ने बुधवार को सबसे पहले पुलिस उपायुक्त (उत्तर-पूर्वी) के साथ दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों के साथ बैठक की. उत्तर पूर्वी दिल्ली में भड़की हिंसा को लेकर डोभाल ने मंगलवार देर रात दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारियों के साथ इसी तरह की बैठक की थी. बुधवार दोपहर बाद एनएसए अजीत डोभाल हिंसाग्रस्त इलाके मौजपुर पहुंचे. यहां उन्होंने गलियों में जाकर लोगों से बात की. इस दौरान उनके साथ दिल्ली पुलिस के स्पेशल कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर एसएन श्रीवास्तव भी मौजूद रहे. अजीत डोभाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमें पुलिस पर पूरा भरोसा है. उन्होंने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है. हिंसा प्रभावित इलाकों में पुलिस तैनात है. हालात से संतुष्ट हैं.

 

सीएचआरआई ने केंद्र, दिल्ली सरकार को हिंसा कम करने के लिए आवश्यक उपाय करने का निर्देश दिया
राष्ट्रमंडल मानवाधिकार पहल (सीएचआरआई) ने केंद्र एवं दिल्ली सरकार दोनों, को उत्तर पूर्वी दिल्ली के इलाकों में हो रही हिंसा पर काबू पाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा. उसने पुलिस की निष्क्रियता और नागरिक एवं राजनीतिक प्रशासन दोनों की नाकामी तय करने का अनुरोध किया. उत्तर पूर्वी दिल्ली में पिछले तीन दिनों में सांप्रदायिक संघर्ष में 21 लोगों की मौत हो गई है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं. एक बयान के अनुसार, ‘‘पुलिस की निष्क्रियता और नागरिक एवं राजनीतिक प्रशासन की नाकामी को तय की जाए तथा आगे ऐसी हिंसा एवं व्यवधान नहीं हो, इसके लिए केंद्र एवं दिल्ली सरकार दोनों जरूरी कदम उठाए. राष्ट्रमंडल मानवाधिकार पहल (सीएचआरआई) ने कहा कि एहतियाती कदमों के लिए पूरे ध्यान से समीक्षा करने की आवश्यकता है. सीएचआरआई ने सरकार से तनावपूर्ण एवं संवेदनशील जगहों की पहचान करने और ऐसी हिंसा को रोकने तथा सभी समुदायों की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बल तैनात करने का अनुरोध किया.