नोएडा: पूर्वोत्तर दिल्ली में हिंसा के बीच अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी हैं. दर्जनों लोग घायल अवस्था में अस्पताल में हैं. हालत पर काबू पाने के लिए एनएसए को आना पड़ा है. वहीं, इस हिंसा का असर दिल्ली से सटे इलाकों में भी देखने को मिल रहा है. तनाव के माहौल को देखते हुए नोएडा में शराब की दुकानें बंद करने के निर्देश दिए गए हैं. शराब की दुकानें नोएडा के उस इलाके में बंद रहेंगी जो दिल्ली से तीन किलोमीटर के दायरे में हैं. सुरक्षा के मद्देनजर आज दिल्ली से सटे 3 कि.मी. तक नोएडा में शराब की दुकानें बंद रहेंगी. Also Read - Coronavirus: उत्तर प्रदेश में कोरोना के सात नए मामले, नोएडा में मिले चार पॉजिटिव, संक्रमितों की संख्या 50 हुई

डीएम बीएन सिंह ने गौतम बुध नगर में दिल्ली से सटी तमाम शराब की दुकानों को बंद करवाने का निर्देश जारी किया है. उन्होंने ये फैसला हालात को देखते हुए लिया है. बता दें कि नागरिकता कानून और एनआरसी के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली के कई इलाकों में हुई हिंसा में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मीटिंग की. इसके बाद उन्होंने पूर्वोत्तर दिल्ली के हिंसा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा भी किया. अजित डोभाल ने सीलमपुर में डीसीपी के कार्यालय में बैठक के बाद पुलिस अधिकारियों के साथ पूर्वोत्तर दिल्ली के सीलमपुर, जाफराबाद, मौजपुर और गोकुलपुरी चौक का दौरा किया. डीसीपी नॉर्थईस्ट के साथ दिल्ली पुलिस के नवनियुक्त विशेष आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) एसएन श्रीवास्तव सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों भी उनके साथ मौजूद रहे. Also Read - कोरोनावायरसः पुलिस ने खाली कराया शाहीन बाग, सौ दिन से चल रहा था CAA के खिलाफ प्रोटेस्ट

दिल्ली हिंसा: अब तक 18 की मौत, हेड कांस्टेबल को शहीद का दर्जा देने की मांग, राजस्थान में परिजन धरने पर बैठे Also Read - दिल्‍ली के शाहीन बाग धरनास्थल पर फेंका गया पेट्रोल बम

वहीं, दूसरी ओर हिंसा के दौरान जान गंवाने पुलिसकर्मी रतन लाल को शहीद का दर्जा देने की मांग शुरू हो गई है. राजस्थान के सदीनसर में परिजन व गाँव के लोग धरने पर बैठ गए. ये लोग रतनलाल को शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग सरकार से कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने जाफराबाद में प्रदर्शन स्थल को खाली करा लिया है. प्रदर्शनकारियों में अधिकतर महिलाएं ही धरने पर बैठी थीं. धरना प्रदर्शन जाफराबाद मेट्रो के ठीक बाहर किया जा रहा था.

इसी बीच दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में हुई हिंसा में घायलों के लिए सुरक्षित रास्ता देने की मांग करने वाली याचिका पर आधी रात को दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीशों जस्टिस एस. मुरलीधर और अनूप जे. भम्भानी ने सुनवाई की. आधी रात 12.30 बजे न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर के आवास पर मीटिंग हुई.

पीठ ने दिल्ली पुलिस को सभी संसाधनों को उपलब्ध कराके घायलों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है, साथ ही उन्हें तत्काल इमरजेंसी उपचार मिलना सुनिश्चित कराने के लिए भी कहा. अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है कि वह अनुपालन के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे, जिसमें घायल लोगों के बारे में जानकारी और उन्हें दिए जाने वाले उपचार शामिल हैं. मामले की सुनवाई बुधवार दोपहर 2.15 बजे होगी.

दिल्ली सरकार द्वारा उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के पीड़ितों की मदद करने और क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने की मांगों के लेकर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और जामिया मिलिया इस्लामिया (जेएमआई) के छात्रों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन किया. छात्रों ने पूर्वोत्तर दिल्ली में हुई हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस से कार्रवाई करने और शांति व्यवस्था बहाल करने की मांग की.