नई दिल्ली: उत्तर पूर्वी दिल्ली की हिंसा में मारे गए 26 वर्षीय अंकित शर्मा के परिजनों को दिल्ली सरकार 1 करोड़ रुपये का मुआवजा देगी. अंकित शर्मा इंटेलिजेंस ब्यूरो में तैनात थे. हिंसा के दौरान चाकू से गोदकर उनका कत्ल कर दिया गया. अंकित शर्मा का शव चांद बाग इलाके के एक नाले से बरामद किया गया था. सोमवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस मुआवजे का ऐलान किया. Also Read - Delhi Coronavirus Update: लॉकडाउन में ढील के बाद बढ़े केस, सीएम बोले, चिंता की बात नहीं, मामले 13 हजार के पार

अंकित शर्मा की हत्या पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा “अंकित शर्मा इंटेलिजेंस ब्यूरो के जांबाज अधिकारी थे. दंगो में उनका नृशंस तरीके से कत्ल कर दिया गया. देश को उन पर नाज है.” दिल्ली सरकार ने अंकित के परिजनों को मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है. Also Read - MCD नेताओं का आरोप: कोविड-19 से होने वाली मौतों की कम संख्या बता रही दिल्ली सरकार

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा, “दिल्ली सरकार ने तय किया है कि अंकित शर्मा के परिवार को एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि और उनके परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी देंगे. भगवान उनकी आत्मा को शांति दें.” इससे पहले मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रतनलाल के परिजनों को भी एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने का ऐलान किया है. उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के दौरान गोली लगने से हेड कांस्टेबल रतन लाल की मृत्यु हुई थी. वह एसीपी गोकुलपुरी कार्यालय में तैनात थे. Also Read - अम्फान तूफान: अरविंद केजरीवाल ने की पश्चिम बंगाल और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों को मदद की पेशकश

आईबी कांस्टेबल अंकित शर्मा, उत्तर पूर्वी दिल्ली में अपने परिवार के साथ रहते थे. यहां हिंसा के दौरान उन पर चाकू से हमला किया गया था. अंकित की मौत चाकू लगने और बुरी तरह से पीटे जाने से हुई थी. अंकित शर्मा का शव 26 फरवरी को चांदबाग में नाले से मिला था. पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया गया, जिसके बाद उनके पैतृक गांव में अंतिम संस्कार हुआ.

आईबी कांस्टेबल अंकित शर्मा का शव बीते गुरुवार शाम उनके पैतृक गांव इटावा ले जाया गया. यहां ‘शहीद अंकित अमर रहे’ के नारों के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान प्रशासन की ओर से सलामी दी गई. केंद्रीय राज्यमंत्री संजीव बालियान सहित विभिन्न दलों के नेता, पुलिस व प्रशासनिक अधिकारीं उनके अंतिम दर्शन को पहुंचे थे.

अंकित के पिता और भाई ने आम आदमी पार्टी से निगम पार्षद मोहम्मद ताहिर हुसैन पर अंकित शर्मा की हत्या का आरोप लगाया है. अंकित के परिवारवालों ने आरोप लगाया है कि हिंसा के दौरान ताहिर हुसैन के समर्थक अंकित को खींचकर ले गए और उनकी हत्या करने के बाद शव नाले में फेंक दिया.

दिल्ली पुलिस ने अंकित के भाई और पिता के बयान के आधार पर पार्षद ताहिर हुसैन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है. वहीं, ताहिर हुसैन पर हिंसा भड़काने और हिंसा में शामिल होने का आरोप लगने के बाद आम आदमी पार्टी ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया है.

(इनपुट आईएएनएस)