नई दिल्लीः दिल्ली में हवा प्रदूषित होने के बाद अब पानी के दूषित होनी की रिपोर्ट से केजरीवाल सरकार आलोचनाओं के घेरे में हैं. वहीं इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पानी पर भारतीय मानक ब्यूरो की रिपोर्ट को झूठा करार दिया है और कहा कि यह सब राजनीति से प्रेरित है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार कि रिपोर्ट के माध्यम से दिल्ली के बारे में भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है.

केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने शनिवार को भारतीय मानक ब्यूरो के अध्ययन के दूसरे चरण की रिपोर्ट जारी की, जिसमें कहा गया है कि दिल्ली के साथ ही कोलकाता और चेन्नई के पानी के नमूने जांच के 11 मानकों में से दस में असफल रहे हैं. दिल्ली के कुछ हिस्सों में रविवार को आम आदमी पार्टी सरकार पर हमला बोलते हुए लगाए गए पोस्टर देखे गए, जिसमें आरोप लगाया गया था, ‘मुफ्त पानी के नाम पर जहर पिला रहे हैं अरविंद केजरीवाल.’ वहीं इस बारे में जनता का भी कहना है कि सरकार हमारे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और फ्री के नाम पर जहरीला पानी दे रही है.

चांदनी चौक के सांसद और केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्द्धन ने ऐसे ही एक पोस्टर को ट्विटर पर साझा करते हुए लिखा है, ‘‘मुफ्त पानी के नाम पर दिल्ली की जनता को ज़हर पिला रहे हैं अरविंद केजरीवाल. देश के 20 शहरों के पानी पर हुए सर्वेक्षण में दिल्ली का पानी सबसे ज्यादा जहरीला पाया गया. विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली आम आदमी पार्टी सरकार लोगों को साफ पानी तक मुहैया कराने में नाकाम रही है.’’

इस पर जवाब देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘‘सर, आप तो डॉक्टर हैं. आप जानते हैं कि ये रिपोर्ट झूठी है, राजनीति से प्रेरित है. आप जैसे व्यक्ति को ऐसी गंदी राजनीति का हिस्सा नहीं बनना चाहिए.’’