
Gaurav Barar
गौरव बरार (Gaurav Barar) एक अनुभवी पत्रकार और कंटेंट विशेषज्ञ हैं जिनके पास 10 साल से ज्यादा का अनुभव है. वर्तमान में, इंडिया.कॉम में बतौर चीफ सब एडिटर अपनी सेवाएं ... और पढ़ें
Delhi Monsoon Update: दक्षिण-पश्चिम मानसून ने देश के कई हिस्सों में अपनी पहुंच बना ली है. वर्तमान में यह लद्दाख के सभी क्षेत्रों को पार कर चुका है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, अगले दो दिनों में यह मानसून दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शेष हिस्सों में भी पहुंच सकता है.
इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी मानसून की एंट्री तय मानी जा रही है. अगर इस बार मानसून 24 जून को दिल्ली पहुंचता है, तो यह 2013 के बाद सबसे जल्दी होगा. 2013 में मानसून ने दिल्ली में 16 जून को दस्तक दी थी, लेकिन उसके बाद से अब तक यह इतनी जल्दी कभी नहीं आया.
दिल्ली‑NCR और उससे सटे हरियाणा के कुछ हिस्सों में मानसून आने की सूचना मिलते ही मौसम विभाग (IMD) ने “येलो अलर्ट” जारी कर दिया है. राजधानी दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आज हल्की से मध्यम बारिश, गरज और तेज हवाओं का पूर्वानुमान है. इससे मौसम में ठंडक और आरामदायक बदलाव देखा जाएगा.
IMD की रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 2 दिनों में दिल्ली और आसपास के इलाकों में पहुंच सकता है. यह सामान्य से तीन दिन पहले है- मानसून आमतौर पर 27 जून के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस बार 24 जून तक मौसम बदल सकता है.
दिल्ली‑एनसीआर, गुरुग्राम, फरीदाबाद समेत आसपास के शहरों में अगले 2–5 दिनों तक येलो अलर्ट जारी रहेगा. अलर्ट के दौरान बारिश के साथ तेज हवाएं (50 किमी/घंटा तक) और बिजलियों की चमक की संभावना भी बनी रहेगी. हरियाणा के अलग-अलग हिस्सों में मौसम समय से पहले खराब होने लगा है.
मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत के अलावा मध्य प्रदेश, गुजरात, कोंकण और गोवा में भी 26 जून तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. खासकर 23 और 24 जून को मध्य प्रदेश में अति भारी बारिश हो सकती है. वहीं पूर्वोत्तर भारत में भी अगले तीन दिनों तक भारी वर्षा का पूर्वानुमान है, जिसके बाद वहां बारिश की तीव्रता कुछ कम हो जाएगी.
इस साल मानसून की शुरुआत बहुत जल्दी हुई. 24 मई को मानसून ने केरल में दस्तक दी थी, जो 2009 के बाद सबसे पहले हुई एंट्री मानी जा रही है. इसके बाद यह 29 मई तक महाराष्ट्र, मुंबई और पूर्वोत्तर राज्यों तक तेजी से पहुंच गया, लेकिन 29 मई से 16 जून तक मानसून की रफ्तार धीमी हो गई थी।.यह रुकावट तापमान में वृद्धि और लू चलने का कारण बनी, खासकर उत्तर-पश्चिम भारत में.
भारत की कृषि व्यवस्था काफी हद तक मानसून पर निर्भर है. देश की 42% जनसंख्या की आजीविका खेती से जुड़ी है और GDP में इसका 18.2% हिस्सा है. IMD के मुताबिक, इस बार जून से सितंबर के बीच देश में औसत से ज्यादा, यानी करीब 106% बारिश की संभावना है. हालांकि कुछ क्षेत्रों जैसे लद्दाख, पूर्वोत्तर, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में कम बारिश हो सकती है.
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