नई दिल्ली: स्वयंभू बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित द्वारा संचालित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के विभिन्न केंद्रों पर पिछले महीने छापा मारकर कई महिलाओं और लड़कियों को बचाने वाले दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग :यूजीसी: से जानना चाहा है कि क्या यह संस्थान उससे मान्यता प्राप्त है.
दिल्ली महिला आयोग ने यह भी जानना चाहा कि क्या यूजीसी को संस्थान के संचालन के संबंध में कोई शिकायत या अभ्यावेदन मिला है. इसके साथ ही ऐसी शिकायतों पर की गई कार्रवाई की भी जानकारी मांगी है.
डीसीडब्ल्यू ने जानना चाहा है कि यदि वह मान्यता प्राप्त नहीं है तो यूजीसी संस्थान के खिलाफ नाम में ‘विश्वविद्यालय’ का इस्तेमाल करने और ऐसा करके लोगों को भ्रमित करने के लिए संस्थान के खिलाफ क्या कार्रवाई करेगा.
डीसीडब्ल्यू प्रमुख स्वाती मालीवाल ने यूजीसी को लिखे एक पत्र में कहा, ‘‘ऐसा पता चला है कि विजय विहार और भारत में अन्य स्थानों पर यह संस्थान ‘‘आध्यात्मिक विश्वविद्यालय’’ के नाम से दशकों से संचालित हो रहा था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस संस्थान में सैकड़ों लड़कियां और महिलायें संस्थान के आवासीय छात्र के तौर पर पंजीकृत थीं.’’ उन्होंने सिफारिश की कि यदि संस्थान एक विश्वविद्यालय नहीं है तो उसे अपने नाम के साथ विश्वविद्यालय शब्द का इस्तेमाल करने से रोका जाना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय होने का गलत दावा करने के लिए संस्थान के प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.
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