दिल्ली के ज्यादातर लोग दिल्ली सरकार की सम-विषम परिवहन योजना को स्थाई रूप से लागू करने के पक्ष में हैं। एक सर्वेक्षण में शुक्रवार को यह जानकारी सामने आई है। पीएचडी चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा दिल्ली-एनसीआर के हजार से ज्यादा लोगों पर किए गए सर्वेक्षण में ज्यादातर लोगों ने इस योजना को पसंद किया। Also Read - Delhi: CM Kejriwal ने माता-पिता के साथ ली कोरोना वैक्सीन, LNJP हॉस्पिटल में कराया टीकाकरण

पीएचडी ने एक बयान जारी कर कहा, “ज्यादातर प्रतिभागी इस योजना को स्थाई रूप से लागू करने के पक्ष में मिले। इस योजना के पक्ष में 10 में से 6.2 अंक मिले।” Also Read - UP पुलिस ने पूर्व एमपी धनंजय सिंह की तलाश में लखनऊ से दिल्ली तक छापे मारे

सर्वेक्षण में इस योजना के कारण लोगों के यात्रा समय में कमी आने को 10 में से 5.7 अंक मिले। Also Read - BJP MP नंद कुमार सिंह चौहान का COVID-19 के संक्रमण के चलते मेदांता अस्‍पताल में निधन

पीएचडी चेम्बर के महासचिव सौरभ सान्याल ने कहा, “हालांकि दिल्ली में कुछ जगहों पर ट्रैफिक में कमी देखी गई। लेकिन, फिर भी कुछ इलाके ट्रैफिक जाम के शिकार रहे। दिल्ली के कुछ इलाकों में जरूरी ट्रैफिक नियमन और सड़कों की हालत सुधारने की जरूरत है।”

इस सर्वेक्षण में यह भी सामने आया कि अगर सम-विषम नियम स्थाई रूप से लागू होता है तो भी ज्यादातर लोग दूसरी कार खरीदने के पक्ष में नहीं हैं।

सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के बारे में लोगों की राय अच्छी नहीं रही। सर्वे में इसे 10 में से महज 4.3 अंक मिले।

ज्यादातर लोगों (10 में 5.8 अंक) ने सम-विषम योजना पर अमल के दौरान यात्रा का अनुभव संतोषजनक बताया।