नई दिल्ली। आईएनएक्स मीडिया मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कार्ति चिदंबरम को पटियाला हाउस कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड पर दे दिया. गुरुवार को कार्ति की दोबारा अदालत में पेशी हुई जहां सीबीआई और बचाव पक्ष के बीच लंबी बहस चली.  इसके बाद अदालत ने ये फैसला सुनाया. बुधवार को अदालत ने कार्ति को एक दिन की सीबीआई रिमांड पर दिया था. कार्ति को बुधवार को चेन्नई एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था जब वह लंदन से लौटे थे. इसके बाद उनकी कोर्ट में पेशी हुई थी. कार्ति की ओर से कांग्रेस नेता और वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी केस की पैरवी कर रहे हैं. Also Read - Nirbhaya Gangrape: दोषी अक्षय की पत्‍नी कोर्ट के बाहर हुई बेहोश, फांसी से पहले चाहती है तलाक

अदालत ने आदेश दिया कि कार्ति अपने वकील से सुबह एक घंटा और शाम को एक घंटा मिल सकते हैं. डॉक्टर के नुस्खे पर ही उन्हें दवा लेने की इजाजत होगी. घर का खाना नहीं दिया जाएगा. Also Read - Nirbhaya Gangrape: पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वारंट पर रोक लगाने से किया इंकार, दोषी पवन ने अब दायर की दया याचिका

अदालत में सीबीआई की दलील

अदालत में बहस के दौरान सीबीआई ने दलील दी कि कार्ति चिदंबरम और विभिन्न कंपनियों के बीच संबंधों के साफ सबूत हैं. हमारे पास ईमेल और इनवॉइस हैं जो बताते हैं कि एडवांटेज स्ट्रेटजिक कंसलटेंसी प्रा. लि. को पैसे दिए गए थे जब आईएनएक्स मीडिया को फायदा पहुंचाया गया था. सीबीआई ने कहा, कार्ति को एक दिन की रिमांड पर लेने का उद्देश्य की बर्बाद हो गया जब डॉक्टरों ने मेडिकल चेकअप के बाद उन्हें कार्डियक केयर यूनिट में शिफ्ट कर दिया. चौंकाने वाली बात ये है कि कार्ति ने इस तरह की कोई शिकायत की ही नहीं थी. वह सुबह पूरी तरह से ठीक थे लेकिन सीबीआई के सवालों के जवाब ठीक से नहीं दिए.

कार्ति को एक दिन की सीबीआई हिरासत के बाद आज अदालत में पेश किया गया. इस दौरान उसके पिता पी. चिदंबरम और माता नलिनी चिदंबरम भी अदालत में उपस्थित थे. ये दोनों ही वरिष्ठ अधिवक्ता हैं. इस दौरान उन्हें कार्ति से बातचीत करते हुये देखा गया. अदालत में सीबीआई की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि यह राजनीतिक विद्वेष का मामला नहीं है. इसमें संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जांच की कारवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि कार्ति के खिलाफ काफी चौंकाने वाले सबूत मिले हैं कि उन्होंने विदेश जा कर क्या किया. जब वह (कार्ति) विदेश में गए थे तो उन्होंने वहा उन बैंक खातों को बंद कर दिया जिनमें धन प्राप्त हुआ था.

कार्ति ने नहीं दिया सवालों का जवाब

आज जब कार्ति को कोर्ट में पेश किया गया तो उन्होंने मीडिया के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया. हालांकि, गाड़ी में बैठने से पहले उन्होंने मीडिया और समर्थकों की ओर हाथ उठाकर जरूर इशारा किया. उनकी तरफ से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने भी कोर्ट जाने से पहले विक्टरी साइन दिखाया. बुधवार को अदालत में बहस के दौरान सिंघवी ने कार्ति की गिरफ्तार को बिना किसी आधार के और राजनीति से प्रेरित बताया था.

मांगी थी 15 दिन की रिमांड

सीबीआई ने कार्ति से पूछताछ के लिए 15 दिन की रिमांड मांगी थी लेकिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुमित आनंद ने एक दिन हिरासत की मंजूरी देते हुए साफ किया कि गुरुवार दोपहर 2.30 उसे संबंधित विशेष न्यायाधीश के समक्ष पेश किया जाएगा. सुनवाई के दौरान सीबीआई के वकील वी के शर्मा ने अदालत में कहा कि कार्ति ने जांच में सहयोग नहीं किया है और उसने बार-बार विदेश की यात्रा की जिसने इस आशंका की पुष्टि की वह देश छोड़कर भाग जाएगा.

कार्ति की ओर से कांग्रेस नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए और सीबीआई की दलील का विरोध किया. सीबीआई की दलीलों को विरोध करते हुए सिंघवी ने कहा कि यह विचित्र मामला है और गिरफ्तारी का कोई आधार नहीं बनता है.