नई दिल्‍ली: राष्‍ट्रीय राजधानी के उत्‍तर-पूर्वी और पूर्वी दिल्‍ली में हुई हिंसा की जांच के लिए गुरुवार को स्‍पेशल इंन्‍वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन दिल्‍ली की क्राइम ब्रांच के अंतर्गत कर दिया गया है. हिंसा के संबंध में दर्ज सभी एफआईआर एसआईटी को ट्रांसफर कर दी गईं है. Also Read - दिल्ली सरकार ने अगले महीने के लिए राशन देना शुरू किया, जानिए कहां मिलेगी ये सुविधा

क्राइम ब्रांच की 2 एसआईटी का गठन डीसीपी जॉय तिर्की और डीसीपी राजेश देव के अधीन किया गया है. टीमों ने तुरंत नॉर्थ ईस्ट दिल्ली हिंसा से जुड़े मामलों की जांच का जिम्मा सौंपा गया है. दोनों टीमों के काम की निगरानी करने के लिए एडिशनल सीपी (क्राइम ब्रांच) बीके सिंह को दी गई है. इन टीमों में सहायक पुलिस आयुक्त रैंक के चार अधिकारी भी होंगे  पुलिस ने अब तक 48 प्राथमिकी दर्ज की हैं.  टीमों का नेतृत्व दो पुलिस उपायुक्त जॉय टिर्की और राजेश देव करेंगे. Also Read - भारत में लॉकडाउन! दिल्ली पुलिस ने लोगों को चेताया, भूलकर भी न खोलें ये वेबसाइट, नहीं तो...

बता दें कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले में भड़की हिंसा के मामले में दिल्‍ली पुलिस ने 48 एफआईआर अलग-अलग थानों में दर्ज की. अब तक हिंसा फैलाने वालों में जिन आरोपियों की पहचान हुई है, उनमें से 106 को गिरफ्तार कर लिया गया है. हिंसा में मारे गए लोगों संख्या बढ़कर 34 हो गई है. दिल्ली पुलिस ने पीएचक्‍यू में आयोजित एक प्रेस-कान्फ्रेंस में यह जानकारी दी. Also Read - लड़की को ‘कोरोना वायरस’ कहकर भागा था, पुलिस ने CCTV में खोज कर किया अरेस्ट, गया जेल

बता दें कि बीते तीन दिनों तक हुई हिंसा के बाद अब पूर्वी-उत्तर दिल्ली में शांति है. पुलिस और सुरक्षा बल फ्लैग मार्च कर रहे हैं. इन हिंसक घटनाओं की शुरुआत सीएए विरोधी और समर्थकों के बीच हुई झड़पों से हुई थी.

संशोधित नागरिकता कानून के समर्थक और विरोधी समूहों के बीच तीन दिन पहले हुई झड़प ने सांप्रदायिक हिंसा का रूप ले
लिया. इसमें 34 लोगों की मौत हो गई और 200 से अधिक लोग घायल हो गए. उन्मादी भीड़ ने घरों, दुकानों, वाहनों और
एक पेट्रोल पंप को आग लगा दी और स्थानीय लोगों तथा पुलिसकर्मियों पर पथराव किया. दंगा प्रभावित इलाकों में जाफराबाद,
मौजपुर, बाबरपुर, यमुना विहार, भजनपुरा, चांद बाग और शिव विहार शामिल हैं.