पटना: पूरा देश लॉकडाउन से गुजर रहा है. अधिकतर काम-धंधे बंद हैं. बैंकों ने ईएमआई तक में राहत दे दी है. ऐसे में बिहार में ये मांग जोर पकड़ रही है कि राज्य के सभी स्कूल फीस तीन महीने तक के लिए माफ़ करें. लॉकडाउन के चलते ये मांग की जा रही है. अभी पूरे देश के साथ ही बिहार के स्कूल भी बंद हैं. सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं. Also Read - सऊदी अरब ने फिर से खोलीं 90 हजार मस्जिदें, मक्का अब भी बंद

अभी ये मांग बिहार के विपक्षी दलों के महागठबंधन में शामिल विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने की है. लॉकडाउन में संकट से जूझ रहे लोगों के लिए स्कूलों की तीन महीने की फीस माफ करने की मांग की है. वीआईपी सवर्ण प्रकोष्ठ के अध्यक्ष विकास सिंह ने मंगलवार को कहा कि लॉकडाउन के इस दौर में बच्चों की छुट्टी है और संभावना है कि इस पूरे माह में स्कूलों में छुट्टी रहे. Also Read - Coronavirus Lockdown: स्कूलों को फिर से खोलने की योजना पर अभिभावकों की बढ़ी चिंता, जानें क्या है सरकार की प्लानिंग

विकास सिंह ने कहा कि “आज शहर हो या ग्रामीण इलाके हों, अधिकांश अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला करवा चुके हैं, जबकि इस लॉकडाउन में कई अभिभावकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. इस स्थिति में स्कूलों को फीस लेना सही नहीं है.” सिंह ने सरकार से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा, “कोरोना संकट से पूरा देश एकजुट होकर लड़ रहा है. ऐसे में जब स्कूल बंद हैं, तब फीस लेने का कोई औचित्य ही नहीं है. उन्होंने कहा, “अगर फिर भी कोई स्कूल, फीस की मांग करते हैं, तो सरकार को इस पर सख्ती करना चाहिए और फीस माफी को लेकर एडवाइजरी करना चाहिए. Also Read - लॉकडाउन में परिवार को घर पहुंचाने के लिए शख्स ने मजबूरी में चुराई बाइक, काम होने के बाद पार्सल कर लौटाई

कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन है. लोगों के काम धंधे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. कई लोग बेरोजगार हो गए हैं. ऐसे में कई राहतें सरकारों की ओर से मिली हैं. अब स्कूल फीस माफ़ करने की मांग हो रही है. बहुत से अभिभावक ऐसे हैं, जो बिगड़ी आर्थिक स्थिति के चलते फीस भरने की स्थिति में नहीं हैं.