नोटबंदी के फैसले से क्या हानि-लाभ हुआ, ये तो वक्त बताएगा। लेकिन इस फैसले ने मोदी सरकार की फज़ीहत जरूर कर दी है। अब लोक लेखा समिति (पीएसी) ने रिजर्व बैंक के गर्वनर उर्जित पटेल समेत कई अधिकारियों को तलब किया है। पीएसी को अगर नोटबंदी पर आरबीआई के गर्वनर के जवाब संतोषजनक नहीं लगे तो सीधा पीएम मोदी को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। गौरतलब है कि पीएसी ने सवालों की एक लिस्ट पहले ही आरबीआई को भेज दी है। Also Read - मिथुन चक्रवर्ती बीजेपी में शामिल होंगे! PM मोदी के साथ मंच साझा कर सकते हैं, कैलाश विजयवर्गीय से फ़ोन पर की बात

लोक लेखा समिति के अध्यक्ष केवी थॉमस ने आरबीआई के गर्वनर से पूछा कि शक्तियों का मिसयूज ना करने के लिए आप पर मुकदमा क्यों ना चलाया जाए और पद से हटा दिया जाए? 20 तारीख को होने वाली बैठक में उर्जित पटेल के अलावा फाइनेंस सेक्रेटरी अशोक लवासा और इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी शक्तिकांत दास भी भी जाएंगें। थॉमस ने कहा कि हमने पटेल को प्रश्नावली भेजी थी जिसका अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। यह भी पढ़ेंः पीएम डिग्री विवादः नरेंद्र मोदी की डिग्री की जाँच होगी, सूचना आयोग ने दिए निर्देश Also Read - देश की आजादी के 75वें वर्ष को मनाने के लिए पीएम मोदी की अध्यक्षता में समिति गठित, सोनिया, ममता और मुलायम सिंह भी शामिल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केवी थॉमस ने कहा कि हमें इस मुद्दे पर किसी को भी बुलाने का अधिकार है। इसका फैसला 20 जनवरी की मीटिंग के बाद किया जाएगा। पीएम मोदी को तभी बुलाया जाएगा जब ये अफसर अपने जवाब से संतुष्ट करने में असमर्थ रहेंगे। Also Read - New Education Policy: पीएम मोदी ने कहा- प्री-नर्सरी से पीएचडी तक जल्द ही लागू हों नई शिक्षा नीति के नियम

पीएसी ने भेजी थी ये प्रश्नावली…
1. नोटबंदी के निर्णय प्रक्रिया में कौन शामिल था?
2. नोटबंदी के बाद कितना पैसा बैंकों में आया है?
3. क्या ऐसा कोई कानून है जो लोगों को अपने ही धन तक पहुंचने से रोक सकता है?
4. अर्थव्यवस्था में वापस कितना धन डाला गया है?
5. क्या नोटबंदी से कालेधन की समस्या का समाधान हुआ?
6. नोटबंदी से अर्थव्यवस्था और गरीब पर क्या असर पड़ा?