नई दिल्ली: कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने दिल्ली हिंसा के खिलाफ सोमवार को संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष अलग-अलग प्रदर्शन किया और सरकार से जवाब की मांग की. बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में पार्टी सांसदों ने प्रदर्शन करते हुए गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा भी मांगा. Also Read - राज्यसभा सचिवालय का अफसर कोरोना पॉजिटिव, पार्लियामेंट की Annexe बिल्डिंग के दो फ्लोर सील

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक संसद परिसर में प्रदर्शन से पहले पार्टी सांसदों ने सोनिया गांधी की अध्यक्षता में एक रणनीतिक बैठक में हिस्सा लिया. इस बैठक में दिल्ली हिंसा को लेकर संसद के भीतर और बाहर सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई. बापू की प्रतिमा के सामने राहुल गांधी की अगुवाई में मौजूद कांग्रेस सांसदों ने गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग वाले बैनर और तख्तियां ले रखी थीं. उन्होंने ‘गृह मंत्री इस्तीफा दो’ और ‘नफरत की भाषा बंद करो’ के नारे लगाए. Also Read - स्मृति ईरानी ने कहा- कांग्रेस देश की चुनौतियों से फायदा उठाने की कोशिश में है, वो यही कर सकती है

विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम और कई अन्य सांसद मौजूद रहे. आप सांसदों संजय सिंह, भगवंत मान, एनडी गुप्ता और सुशील गुप्ता ने भी महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने प्रदर्शन किया और ‘भाजपा मुर्दाबाद’ के नारे लगाए. तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर धरना दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली हिंसा के मुद्दे को संसद में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा. वे सरकार से इस पर जवाब देने की मांग कर रहे थे. Also Read - कांग्रेस का दावा- 'स्पीक अप इंडिया' सबसे बड़ा डिजिटल आंदोलन, 57 लाख लोग LIVE आए, 10 करोड़ लोगों ने देखे VIDEO

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा में अब तक कम से कम 42 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गये. विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा और राज्यसभा में दिल्ली दंगों पर चर्चा करने के लिए भी नोटिस दिया है. नोटिस देने वालों में अधीर रंजन चौधरी (कांग्रेस) , एन के प्रेमचंद्रन (आरएसपी), पी के कुन्हालीकुट्टी (मुस्लिम लीग), इलामरम करीम (माकपा) और बिनय विश्वाम (भाकपा) आदि हैं.