नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कहा कि दूरसंचार विभाग मोबाइल टेलीफोनी सेवा प्रदाताओं पर सांविधिक बकाया के भुगतान से जुड़े मुद्दे पर गौर कर रहा है. पंद्रह दूरसंचार कंपनियों की सरकार के प्रति 1.47 लाख करोड़ रुपये की देनदारी है जिनमें 92642 करोड़ रूपये का लाईसेंस फीस के रूप में भुगतान नहीं किया गया और 55,054 करोड़ रूपये का बकाया स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क का है. कुल बकाया का 60 फीसद एयरटेल और वोडाफोन आइडिया पर है. Also Read - सरकार ने दी राहत, किसानों को 2000 रुपए की पहली किस्त अप्रैल के पहले हफ्ते में ही मिलेगी

दूरसंचार कंपनियों के समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) पर उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद उद्योगपति सुनील भारती मित्तल और कुमार मंगलम बिड़ला ने वित्त मंत्री से भेंट की थी. वित्त मंत्री ने एजीआर मुद्दे पर कहा, ‘‘हां, बैठक हुई है. विभाग निर्णय ले रहा है, इसलिए मेरे लिए फिलहाल इस पर कुछ कहना उपयुक्त नहीं होगा. विभाग के फैसले का इंतजार कीजिए.’’ Also Read - EPF से निकासी के नियम बदलेगी सरकार, 75% तक रकम आसानी से ऐसे निकाल पाएंगे

वहीं हाल ही में समायोजित सकल आय (एजीआर) मामले में उच्चतम न्यायालय की फटकार और सरकार के समयसीमा में ढील ना देने के बाद भारती एयरटेल ने दूरसंचार विभाग को 10,000 करोड़ रुपए के सांविधिक बकाए का भुगतान कर दिया. बता दें कि भारती एयरटेल को लाइसेंस शुल्क और स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क समेत सरकार को कुल 35,586 करोड़ रुपए का सांविधिक बकाया देना है. Also Read - कोरोना से निपटने के लिए मोदी सरकार ने दिया 1.70 लाख करोड़ का पैकेज, महिलाओं को हर महीने मिलेंगे इतने रुपये

कंपनी ने एक बयान में कहा कि वह बाकी की राशि का भुगतान भी स्वआकलन के बाद कर देगी. बयान में कहा गया है, ”भारती एयरटेल, भारती हेक्साकॉम और टेलीनॉर की तरफ से कुल 10,000 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है.”

बता दें एजीआर मामले में सुप्रीम कोर्ट के कड़े रुख के बाद दूरसंचार विभाग ने 14 फरवरी से भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया जैसी दूरसंचार कंपनियों को जल्द से जल्द अपना पिछला सांविधिक बकाया चुकाने के आदेश जारी करने शुरू कर दिए.