Nirbhaya Gangrape and Murder Case (नयी दिल्ली): निर्भया के दोषियों को फांसी में देरी के लिए आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को जिम्मेदार बताने वाले भाजपा के आरोपों पर पलटवार करते हुए दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) ने कहा कि दो दिन के लिए दिल्ली पुलिस और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी हमें दे दीजिए हम निर्भया सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के दोषियों को फांसी पर लटका देंगे. Also Read - मनीष सिसोदिया बोले- PM मोदी हर 15 दिन में अरविंद केजरीवाल को चाय पर बुलाएं, क्योंकि...

मनीष सिसोदिया का यह बयान केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के आरोप के बाद आया जिसमें उन्होंने कहा था कि आप सरकार की अनदेखी के कारण चारों दोषियों की फांसी में देरी हुई क्योंकि 2017 में उच्चतम न्यायालय से फांसी के खिलाफ याचिका खारिज होने के बाद अरविंद केजरीवाल को ढाई साल का समय दोषियों को नोटिस देने की मंजूरी देने में लगा. Also Read - दिल्ली: बंदरों के इस्तेमाल से कर रहे थे लूटपाट, पुलिस ने जाल बिछा ऐसे दबोचे अपराधी

सिसोदिया ने बयान को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ करार देते हुए कहा कि मंत्रिमंडल के इतने वरिष्ठ सदस्य इतने संवेदनशील मुद्दे पर ‘‘ झूठ’’ बोल रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह समझ सकते हैं कि आगामी चुनाव में उठाने के लिए भाजपा के पास मुद्दे नहीं हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह ऐसे मुद्दों पर राजनीति करें. उन्होंने कहा, ‘‘जावड़ेकर जी पुलिस आपके अधीन है. कानून व्यवस्था आप की जिम्मेदारी है. गृह मंत्रालय आपके अधीन है, तिहाड़ जेल के महानिदेशक और प्रशासन आपके अधीन है और आप हम पर आरोप लगा रहे हैं. कृपया संवेदनशील मुद्दे पर इतना नीचे न जाएं. यह साफ तौर पर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश है.’’ Also Read - Delhi: नेशनल मीडिया सेंटर के बाहर संदिग्‍ध वस्‍तु म‍िली, बम स्‍क्‍वॉड और डॉग स्‍क्‍वॉड की टीमें मौके पर मौजूद

मनीष सिसोदिया ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैं आपसे (जावड़ेकर) पूछना चाहता हूं कि आप क्यों नहीं जिम्मेदारी ले रहे हैं? अगर आप दिल्ली की कानून व्यवस्था नहीं संभाल सकते, तो दिल्ली पुलिस और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी दो दिन के लिए हमें दे दें और हम निर्भया के दोषियों को फांसी पर लटका देंगे.’’

उल्लेखनीय है कि आप सरकार ने दिल्ली उच्च न्यायालय से बुधवार को कहा था कि मामले के दोषी मुकेश कुमार सिंह, विनय शर्मा, अक्षय कुमार सिंह और पवन गुप्ता को पूर्व निर्धारित तारीख 22 जनवरी को फांसी नहीं दी जा सकती क्योंकि उनमें से एक दोषी ने दया याचिका दी है और कारावास नियमावली के मुताबिक जब तक सभी कानूनी विकल्प समाप्त नहीं हो जाते, फांसी नहीं दी जा सकती. दिल्ली की अदालत की ओर से सात जनवरी को जारी मृत्यु वारंट के तहत चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह सात बजे तिहाड़ जेल में फांसी दी जानी है.