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डेरा समर्थकों की हिंसा के बाद 30 की मौत, खट्टर पर आ सकता है बड़ा फैसला
15 साल पुराने साध्वी रेप केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सीबीआई कोर्ट की ओर से शुक्रवार को दोषी करार दिया.
नई दिल्ली: 15 साल पुराने साध्वी रेप केस में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को सीबीआई कोर्ट की ओर से शुक्रवार को दोषी करार दिया गया. फैसले के तुरंत बाद राम रहीम समर्थकों ने पंजाब, हरियाणा, समेत दिल्ली एनसीआर में जमकर उत्पात मचाया.
हरियाणा का आम तौर पर शांत और सहज रहने वाले पंचकूला शहर सुलगने लगा और हर तरफ मौत और तबाही का मंजर देखने को मिला. पंचकूला और सिरसा की हिंसा में कुल मिलाकर तीस लोग मारे गए. राम रहीम समर्थकों ने पंचकूला में करीब 100 से ज्यादा गाड़ियों में आग लगा दी.
इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में भी कई जगह हिंसक घटनाएं हुईं. रामरहीम के समर्थकों ने आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर खड़ी दो बोगियों में आग लगा दी. वहीं मंडावली और कुछ अन्य स्थानों पर बसों में भी आग लगाई. दिल्ली पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया.
मोदी खट्टर पर ले सकते हैं बड़ा फैसला
हरियाणा में हुए घटनाक्रम को लेकर केंद्रीय नेतृव खट्टर सरकार से नाराज है. शुक्रवार को बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात भी की. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक केंद्रीय नेतृत्व जल्द ही खट्टर सरकार को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकता है.
दिल्ली में धारा 144 लागू
राम रहीम पर फैसले के बाद हरियाणा और पंजाब में हुई हिंसक घटनाओं के बीच दिल्ली प्रशासन ने एहतियातन पूरी दिल्ली में धारा 144 लगा है. दिल्ली पुलिस ने लोगों से सहयोग और शांति की अपील की है. राम रहीम पर फैसले के बाद हरियाणा की आग दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच गयी. जानकैारी के मुताबिक दिल्ली में 11 जगहों पर हिंसक घटनाएं हुई हैं.
पहले से थी हिंसा की आशंका
कुछ दिन पहले ही हजारों डेरा अनुयायी पंचकूला में जमा हो गए थे जिस कारण हिंसा की आशंका थी. बहुत सारे अनुयायियों ने सिरसा में भी शिविर लगा लिए जहां अधिकारियों ने कल रात दस बजे से कर्फ्यू लगा दिया था. डेरा समर्थकों ने अपने तंबू लगाने के लिए उद्यानों, सड़कों और फ्लाईओवर के नीचे की जगहों सहित दूसरे उपलब्ध स्थानों का इस्तेमाल किया.
हालांकि अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने जिला अदालत परिसर की तरफ जाने वाला रास्ता सील कर दिया था और उस रास्ते पर किसी को भी जाने की मंजूरी नहीं दी जा रही थी. सीबीआई ने बलात्कार का मामला दर्ज किए जाने के करीब पांच साल बाद जुलाई, 2007 में अम्बाला की एक अदालत में डेरा प्रमुख के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था। आरोपपत्र में 1999 से 2001 के बीच दो साध्वियों के यौन उत्पीड़न का उल्लेख किया गया था. विशेष सीबीआई अदालत ने सितंबर, 2008 में राम रहीम के खिलाफ आईपीसी की धारा 376 (बलात्कार) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप तय किए थे.
2009 से 2010 के बीच दो शिकायतकर्ताओं ने अदालत के सामने बयान दर्ज कराए थे. अप्रैल, 2011 में विशेष सीबीआई अदालत का अम्बाला से पंचकूला स्थानातंरण कर दिया। डेरा प्रमुख के खिलाफ मामला भी पंचकूला सीबीआई अदालत में पहुंचा. जुलाई, 2017 में विशेष सीबीआई अदालत ने रोजाना सुनवाई का आदेश दिया. 17 अगस्त, 2017 को अभियोजन और बचाव पक्षों की बहस पूरी हुई.
कोर्ट ने दिया दोषी करार
यौन शोषण के एक मुकदमे में विशेष सीबीआई अदालत ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी करार दिया है. सीबीआई कोर्ट के जज जगदीप सिंह ने अपना फैसला सुनाया. इस फैसले के बाद राम रहीम सिरसा स्थित अपने डेरे पर नहीं जा सकेंगे, उन्हें कस्टडी में ले लिया जाएगा. रोहतक में राम रहीम के लिए स्पेशल जेल बनाई गई है. सीबीआई कोर्ट 28 अगस्त, सोमवार को उनकी सजा पर फैसला सुनाएगा.
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