विशेष पीएमएलए अदालत ने भगोड़े अपराधी अध्यादेश के तहत विजय माल्या को 27 अगस्त को तलब किया है. बता दें कि एक दिन पहले प्रवर्तन निदेशालय ने माल्या के मामले में एक विशेष कोर्ट पहुंचा था और मांग की थी कि भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित की जाए. Also Read - भगोड़े शराब कारोबारी Vijay Mallya को कब लाया जाएगा भारत, क्यों हो रही देर? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने दी यह जानकारी

पीएमएलए कोर्ट में इस केस को डील कर रहे स्पेशल जज एमएस आजमी ने माल्या के खिलाफ उस नोटिस संज्ञान में लेते हुए समन जारी किया किया जिसमें उन्हें भगौड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किए जाने की मांग की गई थी. प्रवर्तन निदेशालय ने कोर्ट में आवेदन दिया था. इस बिल के तहत माल्या को 12500 करोड़ की संपत्ति जमा करनी है. Also Read - ED ने फ्रांस में विजय माल्या की 14 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की

बता दें कि माल्या के ऊपर 9000 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है. हाल ही माल्या ने कहा था कि उसने बकाया राशि जमा कनरे के प्रयास किे हैं. लेकिन राजनीति से प्रेरित कोई फैक्टर इसमें शामिल होता है तो मैं कुछ नहीं कर सकता. कर्ज चूक मामले में घिरे शराब कारोबारी विजय माल्या ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में अपनी 13,900 करोड़ रुपये की संपत्तियों को बेचने की अनुमति मांगी है, ताकि वह बैंक का कर्ज अदा कर सकें.
माल्या ने कहा था कि यदि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा उनके इस प्रस्ताव का विरोध किया जाता है तो यह साफ हो जाएगा कि बकाया की वसूली से आगे भी उनके खिलाफ एजेंडा है. माल्या ने ट्वीट के जरिये कहा था कि वह बैंकों के कर्ज चूक मामले में ‘ पोस्टर ब्वॉय ’ बन चुके हैं. यानी जब भी बैंकों के कर्ज को नहीं लौटाने की बात होती है, तो सबसे पहले उनका नाम लिया जाता है. माल्या ने कहा था कि वह बैंकों के कर्ज के निपटारे के लिए प्रयास जारी रखेंगे. Also Read - 5 अक्टूबर को दिन में 2 बजे विजय माल्या को कोर्टरूम लेकर आए सरकार: सुप्रीम कोर्ट

माल्या ने बयान में कहा कि यूनाइटेड ब्रूवरीज होल्डिंग्स लि . (यूबीएचएल) और उन्होंने खुद 22 जून , 2018 को कर्नाटक उच्च न्यायालय में अपील कर करीब 13,900 करोड़ रुपये की संपत्तियों की बिक्री की अनुमति मांगी है. माल्या ने ट्वीट किया , ‘‘ हमने अदालत से न्यायिक निगरानी में इन संपत्तियों को बेचने की अनुमति मांगी है ताकि बैंकों का कर्ज लौटाया जा सके. माल्या ने आगे कहा, ’‘ यदि ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियां संपत्तियों की बिक्री का विरोध करती हैं तो यह साफ हो जाएगा कि मेरे यानी पोस्टर ब्वॉय के खिलाफ कर्ज की वसूली से आगे भी एजेंडा चलाया जा रहा है.