मुंबई: महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा विधायक दल के नेता देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि जनता ने महायुति (महागठबंधन) के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया था, मगर सरकार न बनने के कारण राष्ट्रपति शासन लगा, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. हालांकि, फडणवीस ने राज्य को जल्द स्थिर सरकार मिलने की आशा जताई. देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में राजनीतिक अस्थिरता से होने वाले खतरों की तरफ आगाह किया.

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उन्होंने कहा कि राजनीतिक अस्थिरता से निवेश पर बुरा असर पड़ सकता है. सरकार के दैनिक कामकाज पर असर पड़ने से जनता को परेशानी हो सकती है. बेमौसम बारिश से परेशान किसानों के सामने संकट और गहरा आ सकता है. फडणवीस ने यह भी कहा कि उम्मीद है कि राज्य के हालात पर सभी दल विचार करते हुए स्थिर सरकार देने की दिशा में आगे बढ़ेंगे.

वहीं NCP के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा है कि महाराष्ट्र राज्पाल ने राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश कर संविधान का मजाक उड़ाया है. उन्होंने ये भी कहा कि राज्यपाल को कांग्रेस को भी सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए था. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.

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कांग्रेस पार्टी ने महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन की आलोचना करते हुए कहा कि केंद्र ने कभी भी नियमों का पालन नहीं किया. हालांकि शिवसेना के साथ सरकार बनाने के सवाल पर कांग्रेस ने कहा कि एनसीपी के साथ गहन चर्चा करने के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा. कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि एनसीपी से साथ चर्चा किए बगैर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा.