चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रविवार को यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान स्थित करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं से ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान राज्य सरकार द्वारा स्थापित सेवा केंद्रों पर सुविधा शुल्क नहीं लिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि अगर कोई भी किसी प्रकार का शुल्क मांगता है तो उसे इस बारे में सीधे उनके कार्यालय को सूचित करना चाहिए.

नागरिक सेवा प्रदान करने वाले ‘सुविधा केंद्र’ में ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क वसूले जाने की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं से सेवा शुल्क वसूलने का कोई सवाल ही नहीं है और आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त सेवा है. उन्होंने बयान जारी कर कहा, ‘‘अगर इस बारे में राज्य सरकार को कोई शिकायत मिलती है, तो इस मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई मैं व्यक्तिगत तौर पर सुनिश्चित करूंगा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘सेवा शुल्क वसूलना, मेरी सरकार के श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त आवेदन प्रक्रिया के निर्णय का घोर उल्लंघन है.’’ सिंह ने कहा कि करतारपुर गलियारे से होकर दरबार साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं से शुल्क के तौर पर 20 डॉलर वसूले जाने के पाकिस्तान सरकार के निर्णय का वह व्यक्तिगत तौर पर विरोध करते हैं क्योंकि शुल्क थोपना सिख पंथ के धार्मिक सिद्धांत के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि भारत ने पाकिस्तान समेत किसी भी देश के श्रद्धालुओं के यहां आने के लिए कभी कोई शुल्क नहीं लगाया है.

(इनपुट भाषा)