बांग्लादेश में हुए आतंकी हमले में मारी गई भारतीय तारिषी जैन का शव आज ढाका से दिल्ली लाया जाएगा, जिसके बाद उनका अंतिम संस्कार गुड़गांव में किया जाएगा। उसकी बॉडी ढाका से दिल्ली लाई जाएगी। तारिषि आतंकी हमले के दौरान रेस्टोरेंट में अपने दो दोस्तों अंबिता कबीर और फराज हुसैन के साथ थीं। आतंकियों ने फराज को बांग्लादेशी होने की वजह से जाने को कहा था, लेकिन उसने तारिषि का साथ नहीं छोड़ा।

तारिषी UC Berkeley की छात्रा थी और ढाका छुट्टियां मनाने आई थीं। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा है कि इस दुख की घड़ी में पूरा देश तारिषी के परिवार के साथ है। इस आतंकी हमले में 8 इटली, 7 जापान के नागरिकों समेत कुल 20 लोगों की हत्या की गई थी। यह भी पढ़े-ढाका हमला: तारिषी जैन का अंतिम संस्कार आज

-फराज ने कायम की दोस्ती की मिसाल, नहीं छोड़ा तारिषि और अंबिता का साथ।
चश्मदीदों के मुताबिक, 20 साल के फराज ने अपनी दोस्त तारिषि और अंबिता के लिए जिंदगी दांव पर लगा दी। आतंकी लोगों की पहचान पूछकर मार रहे थे। बांग्लादेशी होने की वजह से हमलावरों ने फराज को रेस्टोरेंट से जाने को कहा, लेकिन उसने अपने दोनों दोस्तों को छोड़कर जाने से मना कर दिया।

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बता दें कि 19 साल की तारिषि भारतीय मूल की थी। जबकि 19 साल की अंबिता बांग्लादेशी थी, लेकिन वह यूएस में पढ़ रही थी। दोनों उस रात वेस्टर्न आउटफिट पहने थीं। ये तीनों इफ्तार के बाद कैफे गए थे।

आतंकियों ने फराज से दाेनों की आइडेंडिटी पूछी। उसने बताया कि एक भारतीय और एक अमेरिकी है। इसके बाद आतंकियों ने दोनों की हत्या करने की तैयारी कर ली, लेकिन फराज से कहा कि वह जा सकता है। लेकिन फराज नहीं माना। बाद में वह भी मारा गया। यह भी पढ़े-बांग्लादेश: ISIS के आतंकी हमले को लेकर बड़ा खुलासा, देश में अलर्ट

गौरतलब है कि शुक्रवार रात ढाका के पॉश इलाके गुलशन डिप्लोमैटिक जोन के एक रेस्टोरेंट में ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा लगाते हुए आतंकियों ने कई लोगों को बंधक बनाया था। इनमें से आयतें सुनाने वाले 18 लोगों को छोड़ दिया था। जबकि 20 लोगों को मार डाला था।

तारिषी ने शनिवार तड़के 1.30 बजे आखिरी बार परिवार को फोन किया था। परिवार ने इसके बाद कई बार फोन किया, लेकिन रिसीव नहीं हुआ। अगले दिन सुबह साढ़े 6 बजे फोन रिसीव हुआ, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं आया। तारिषि के पिता संजीव जैन, मां तुलिका जैन और भाई संचित जैन ढाका में ही रहते हैं। बांग्‍लादेश में आतंकी हमले में मारी गई तारिषि जैन का परिवार मूल रूप से फिरोजाबाद के सुहानगर का रहने वाला है।