Happy Dhanteras 2018: दीपावली से पहले देश में धनतेरस की धूम है. इस बार धनतेरस आज यानी की 5 नवंबर सोमवार को पड़ रहा है. हिंदी तिथि के अनुसार, यह त्योहार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धन की देवी मां लक्ष्मी के पाकट्य उत्सव के रूप में मनाया जाता है. इस दिन को धनवंतरी त्रयोदशी के नाम से भी जाना जाता है. परंपरा है कि इस दिन लक्ष्मी की पूजा करने और खरीदारी करने से धन का लाभ होता है. धनतेरस के दिन पांच देवताओं की पूजा की जाती है. इसमें गणेश जी, मां लक्ष्मी, ब्रह्मा, विष्णु और महेश की पूजा होती है. Also Read - Diwali 2020 Laxmi Puja: दिवाली की पूजा में मां लक्ष्मी को जरुर चढ़ाएं ये खास चीजें, घर में आएगा धन होगी बरकत

ये है शुभ मुहूर्त
इस बार धनतेरस की खरीददारी के लिए शुभ मुहूर्त 5 घंटे 33 मिनट ही है. यह मूहूर्त इस लिए भी खास है कि यह तीन चरणों में रहेगा, जो सुबह 07:07 बजे से शाम 07:30 बजे तक रहेगा.
> सुबह 07:07 से 09:15 बजे तक
> दोपहर 01:00 से 02:30 बजे तक
> रात 05:35 से 07:30 बजे तक Also Read - दिल्ली में पटाखों पर लगा बैन! CM केजरीवाल की अपील- दिवाली पर नहीं जलाएं पटाखे, खास तरह से मनाएंगे दिवाली

क्यों मनाया जाता है धनतेरस
मान्यता है कि जब धन्वन्तरि का जन्म हुआ था तो उनके हाथों में अमृत कलश था. इसके बाद से धनतेरस के दिन बर्तन खरीदने की परंपरा शुरू हुई. धन्वन्तरि को धन के सा-साथ देवताओं का डॉक्टर भी माना जाता है. इसे देखते हुए सरकार ने धनतेरस को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में घोषित किया है. Also Read - Diwali 2019 Gift Ideas: दिवाली के लिए खरीदें ये ईको-बजट फ्रेंडली गिफ्ट...

धनतेरस लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पर पूजा के लिए सबसे अच्छा मुहूर्त प्रदोष काल एवं वृष लग्न शाम 05:35 से 07:30 बजे रात तक है. आज शुक्र तुला राशि मे स्वगृही होकर मालव्य योग के साथ विद्यमान है. इसके साथ ही मंगल अपनी उच्च राशि मकर में विद्यमान रहेंगे. देव गुरु बृहस्पति मंगल की राशि वृश्चिक में विद्यमान होंगे जो पूर्ण शुभफल दायक होंगे और व्यापारिक वृद्धि एवं चमक धमक में बढ़ोत्तरी करेंगे.

इस मंत्र से करें जाप
देवान कृशान सुरसंघनि पीडितांगान, दृष्ट्वा दयालुर मृतं विपरीतु कामः
पायोधि मंथन विधौ प्रकटौ भवधो, धन्वन्तरि: स भगवानवतात सदा नः
ॐ धन्वन्तरि देवाय नमः ध्यानार्थे अक्षत पुष्पाणि समर्पयामि