पुणेः केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान(Dharmendra Pradhan) ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) का विरोध कर रहे लोगों पर शनिवार को निशाना साधते हुए उनसे सवाल किया कि क्या वे देश को ‘‘धर्मशाला’’ बनाना चाहते हैं. उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक समारोह में यहां कहा कि भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे लोगों ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया.

उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्या अब हम हमारे देश को धर्मशाला बनाने जा रहे हैं, जहां कोई भी बिना रोक-टोक के घूम सके.’’ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘इसलिए हमें यह चुनौती स्वीकार करनी होगी और हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि केवल वे लोग ही यहां रह सकें जो ‘भारत माता की जय’ कहने के लिए तैयार हैं.’’

आपको बता दें कि पिछले एक महीने से ज्यादा समय से नागरिकता कानून को लेकर देश के कई राज्यों में प्रदर्शन हो रहा है. इस पूरे विरोध प्रदर्शन में कई लोगों ने अपनी जान भी गवाई है. सरकार जनता को बार बार यह समझाने की कोशिश कर रही है कि इस बिल के माध्य से किसी भी भारतीय नागरिक को किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होगा और न ही किसी भी व्यक्ति कि नागरिकता जाएगी.

असम, दिल्ली, उत्तर प्रदेश(UTTAR PRADESH), बिहार समेत कई राज्यों में इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे है. केंद्रीय मंत्री प्रधान ने इस बारे में शनिवार को कहा कि हम किस प्रकार का देश बनाना चाहते हैं हमारा देश एक घर है और हम क्या अपने घर को धर्मशाला बना दें.