मधुमेह से पीड़ित व्यक्तियों के दिल के दौरे से मरने का खतरा 50 फीसदी अधिक होता है। एक नए शोध में यह बात सामने आई। प्रमुख शोधार्थी ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स के कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट और एसोसिएट प्रोफेसर क्रिस गेल ने बताया, “हमारे शोध से इस बात का मजबूत सबूत मिला है कि मधुमेह से काफी समय से पीड़ित मरीजों में दिल के दौरे का खतरा 50 फीसदी तक बढ़ जाता है।”Also Read - Karva Chauth 2021 Special: डायबिटीज से पीड़ित महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखने से पहले इन बातों का रखें खास ख्याल

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इस शोध के निष्कर्षो से पता चला है कि मधुमेह के मरीज की अगर धमनी पूरी तरह अवरुद्ध है तो दिल के दौरे से उसके मरने की संभावना 56 फीसदी बढ़ जाती है। और अगर उनकी धमनी आंशिक अवरुद्ध है तो गैरमधुमेह पीड़ितों की अपेक्षा दिल के दौरे से उनके मरने की संभावना 39 फीसदी अधिक होती है। इस शोध में संभावना व्यक्त की गई है मधुमेह के मरीजों के दिल के दौरे से मरने की संभावना अधिक होने के पीछे उनकी मधुमेह की बीमारी है ना कि वे कारण हैं, जिसके कारण उन्हें मधुमेह हुआ है। यह भी पढ़ें: अब लव हारमोन से आप घटा सकते हैं वज़न Also Read - साइलेंट किलर कही जाने वाली इस बड़ी बीमारी के शिकार होते हैं ये ब्लड ग्रुप वाले लोग, रहे संभलकर

शोध संस्था डायबिटिज यूके के रिसर्च फंडिंग प्रमुख अन्ना मोरिस ने बताया, “मधुमेह पर काबू पाने से हृदय रोगों का खतरा भी कम हो जाता है। इसलिए स्वास्थ्यवर्धक भोजन करना, सक्रिय रहना और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई दवाइयों का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है।” शोध दल ने कुल 7 लाख लोगों का विश्लेषण कर यह निष्कर्ष निकाला है, जिन्हें दिल के दौरे के बाद जनवरी 2003 से जून 2013 के बीच अस्पताल में भर्ती किया गया था और इनमें से 1,21,000 लोग मधुमेह से पीड़ित थे। ब्रिटिश हार्ट फाउंडेशन के एसोसिएट मेडिकल डायरेक्टर माइक नापटोन का कहना है, “इस शोध में मधुमेह पीड़ितों को हृदय रोग से बचाने के नए तरीकों की खोज और दिल के दौरे के बाद उनकी जान बचाने के लिए नई दवाइयों की खोज पर प्रकाश डाला गया है।”

यह शोध जर्नल ऑफ इपीडीमीलॉजी एंड कम्यूनिटी हेल्थ में प्रकाशित किया गया है।