नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत. इस बातचीत का मकसद कोरोना को लेकर उभरती स्थिति पर चर्चा करने और COVID-19 महामारी से निपटने के लिए आगे की योजना बनाई का था. मुख्यमंत्रियों के साथ प्रधानमंत्री की यह चौथी मीटिंग थी. इससे पहले उन्होंने 20 मार्च, 2 अप्रैल और 11 अप्रैल भी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की. वैसे मीटिंग के दौरान प्रधानमंत्री ने बताया किया कि लॉकडाउन ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं इसके चलते देश पिछले डेढ़ महीने में हजारों लोगों की जान बचाने में कामयाब रहा है. वैसे सभी की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि क्या इस मीटिंग के बाद लॉकडाउन को हटाने या आगे बढ़ाने के बारे में भी फैसला लिया जाएगा? हालांकि इस पर न तो प्रधानमंत्री कार्यालय और न ही मुख्यमंत्रियों की तरफ से कोई आधिकारिक बयान आया है लेकिन मीटिंग में कई राज्य इस बात पर जरूर सहमती बनाते नजर आए कि कुछ छूट के साथ लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जाए. Also Read - 31 मई के बाद दिल्ली में खुल जाएंगे धार्मिक स्थल और मॉल में दुकानें! दिल्ली सरकार ने दिए संकेत

लॉकडाउन 3.0 को लेकर हो गया फैसला?
सवाल उठता है कि क्या तीसरी बार देश में लॉकडाउन को आगे बढ़ाए जाने का फैसला लिया गया है? पिछली बार मुख्यमंत्रियों के साथ पीएम की बैठक के बाद दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि लॉकडाउन को बढ़ाने का फैसला किया गया है. हालांकि इस बार किसी मुख्यमंत्री ने साफतौर पर ये नहीं कहा लेकिन पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने ये जरूर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक के दौरान ज्यादातर मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन तीन मई के बाद भी आगे बढ़ाने की राय दी और साथ ही सजग रुख के साथ आगे बढ़ने का आग्रह किया. उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘ज्यादातर मुख्यमंत्रियों ने कहा कि लॉकडाउन बढ़ना चाहिए. साथ ही मुख्यमंत्रियों की यह राय थी कि कोरोना के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं, उसको देखते हुए लॉकडाउन हटाने में सजग रुख अपनाने की जरूरत है.’’ इससे एक बात स्पष्ट है कि देश में लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जाएगा. Also Read - यूपी में कोरोना के 275 नए केस, संक्रमितों का आंकड़ा बढ़कर 7,445 हुआ, बढ़ी मृतकों की संख्‍या

और कितने दिन आगे बढ़ाया जा सकता है लॉकडाउन?
कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश में 3 मई तक लॉकडाउन लगाया गया है लेकिन अब इसे आगे बढ़ाया जा सकता है क्योंकि स्थिति अभी पूरी तरह से कंट्रोल में नहीं है. तमाम मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो लॉकडाउन को 16 मई तक और आगे बढ़ाया जा सकता है. दिल्ली सरकार ने पहले ही कहा है कि लॉकडाउन को 16 मई तक बढ़ाया जाए. वहीं, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब और ओडिशा ने अपने राज्यों के हॉटस्पॉट पर प्रतिबंध को 3 मई के बाद भी जारी रखने के संकेत दिए हैं. वहीं, तेलंगाना ने तो लॉकडाउन को पहले ही 7 मई तक बढ़ा दिया है. गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने भी कहा कि तीन मई को समाप्त होने वाले कोविड-19 संबंधित लॉकडाउन को राज्य के अंदर आर्थिक गतिविधियों में छूट के साथ और आगे बढ़ाया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने वाले सावंत ने यह भी कहा कि बैठक में कई अन्य राज्यों ने भी लॉकडाउन को बढ़ाने की मांग की. Also Read - 1 जून से ट्रेनों में टीटीई ड्रेस में नहीं आएंगे नजर, नई गाइडलाइंस को रेल यात्री भी जरूर जान लें

3 मई के बाद क्या होगी स्थिति?
पुडुचेरी के मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों के भी अधिकतर मुख्यमंत्रियों ने कहा कि लॉकडाउन जारी रहे और आर्थिक गतिविधियां धीरे-धीरे शुरू हों. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने (पीएम से) कहा कि हमारा राज्य छोटा और उसके संसाधन सीमित हैं. हमारा राजस्व बंद हो गया है और हमारी अर्थव्यवस्था मुश्किल का सामना कर रही हैं. मैंने जीएसटी का बकाया राशि जारी करने का आग्रह किया.’’ कई अन्य राज्यों की भी यही समस्या है. ऐसे में 3 मई के बाद अगर लॉकडाउन जारी रहता है तो इसमें कई छूट दी जा सकती हैं. 3 मई के बाद जिन क्षेत्रों को हॉटस्पॉट में रखा गया है उन्हें छोड़कर बाकी जगह कई तरह की छूट दी सकती हैं. सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार बैठक में मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा, ‘‘हमें कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के साथ अर्थव्यवस्था को भी समान रूप से अहमियत देने की जरूरत है.’’

बैठक में मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा कि कोविड-19 का जीवन के विभिन्न पहलुओं पर प्रभाव आने वाले महीनों में दिखेगा. उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिये इस्तेमाल हो रहे मास्क और चेहरा ढकने वाला गमछा आदि अब जीवन का हिस्सा बन जायेंगे. उन्होंने मुख्यमंत्रियों से कहा कि कोरोना संकट से निपटने के लिये राज्यों के प्रयास, संक्रमण से प्रभावित रेड जोन इलाकों को कम प्रभाव वाले ऑरेंज जोन में और फिर संक्रमण मुक्त ग्रीन जोन में तब्दील करने पर केन्द्रित होने चाहिए. पीएम की इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कोरोना को लेकर पहले इलाकों को चिन्हित किया जाएगा और फिर राज्य उसी के आधार पर लॉकडाउन में छूट देंगे.