नई दिल्ली. सीबीआई के दो शीर्ष अधिकारियों के बीच एक अप्रत्याशित लड़ाई के बाद देश की सबसे बड़ी जां एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) पर सवाल उठने लगे हैं. इतना ही नहीं पहले सीबीआई के निदेशक और विशेष निदेशक के बीच झगड़े की बात आनी, फिर दोनों को छुट्टी पर भेज देने के बाद मामला अभी ठंडा नहीं पड़ा था कि निदेशक आलोक वर्मा के घर के बाहर जासूसी के आरोप में आईबी के कुछ अफसरों को पकड़ा गया है.

सीबीआई एक तरफ देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी है तो दूसरी तरफ आईबी भी सूचनाओं को एकत्रित करने में माहिर मानी जाती है. साथ ही वह केंद्र सरकार के अधीन रहती है. ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि कहीं आईबी के अफसर आलोक वर्मा की जांच तो नहीं कर रहे थे. ऐसे में आइए जानते हैं कि सीबीआई और आईबी में क्या अंतर है…?

सीबीआई
सीबीआई एक तरह से पुलिस ही है. यह आपको गिरफ्तार कर सकती है. पूछताछ कर सकती है और आपके घर की जांच भी कर सकती है. दूसरी तरफ लोकल पुलिस स्टेशन से अलग उसके पास ये अधिकार होता है कि वह भारत के किसी भी कोने में जाकर जांच कर सकती है. सीबीआई को एक ऐसी एजेंसी भी कहते हैं, एक ऐसा कुलीन बल है जो सार्वजनिक जीवन के मूल्यों के संरक्षण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसके साथ ही राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य को सुनिश्चित रखने का काम करती है. वह इसकी भी ऐसी घटना की जांच कर सकती है, जो भारती कानून के अंतर्गत जुर्म है.

ये है काम
सीबीआई के रेंज में सरकार के भ्रष्टाचार से लेकर आर्थिक जुर्म और भयानक हत्या तक आता है. इतना ही नहीं यह आतंकवादी घटनाओं की भी जांच करती है, जबकि इसके लिए एक अलग जांच एजेंसी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी है. इसके साथ ही उसके ऊपर ऐसे अपराधियों पर मुकदमा चलाने की भी जिम्मेदारी है. ऐसे में हम कह सकते हैं कि सीबीआई का काम सबूत जुटाना और उसे कोर्ट में पेश करना दोनों होता है.

आईबी
दूसरी तरफ इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) पुलिस की तरह काम नहीं करती है. हालांकि, वह पुलिस के साथ-साथ जरूर काम करती है. जैसा की एजेंसी के नाम से ही स्पष्ट है कि इसका काम सूचनाएं एकत्रित करना है. इसके लिए वह प्रत्यक्ष या फिर अप्रत्यक्ष रूप से काम करती है.

ये है काम
सूचनाओं के लिए आईबी फिजिकल और इलेक्ट्रॉनिक दोनों तरह के सर्विलांस का प्रयोग करती है. इसके साथ ही रिसर्च, संचार का अवरोधन, घुसपैठ के साथ-साथ किसी भी महत्वपूर्ण जगह पर हो रही क्रिया-कलापों के बारे में जानकारी जुटाना है. आईबी आपको गिरफ्तार नहीं कर सकती है और न ही पूछताछ कर सकती है. न ही आईबी अफसर आपसे किसी तरह का डॉक्युमेंट मांग सकते हैं. आईबी का काम है कि वह दिन के समय ही जितनी हो सके उतनी सूचनाएं इकट्ठा करे.