नई दिल्लीः राफेल लड़ाकू विमान (Rafale Fighter Plane) आज भारतीय वायुसेना में शामिल हो जाएंगे. राफेल के 5 लड़ाकू विमान आज अंबाला पहुंचेंगे. ऐसे में एक बार फिर देश में राफेल को लेकर राजनीति गर्मा गई है. मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijaya Singh) ने राफेल की कीमत को लेकर केंद्र सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है. दिग्विजय सिंह ने एक के बाद एक लगातार कई ट्वीट किए और केंद्र सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को घेरने की कोशिश की. उन्होंने अपने ट्वीट में केंद्र से राफेल की कीमत पूछी है. दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में राफेल डील को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं. Also Read - राम मंदिर निर्माण के शिलान्यास पर बोले अमित शाह- आज का दिन भारत के लिए ऐतिहासिक व गौरवपूर्ण

दिग्विजय सिंह ने अपने पहले ट्वीट में लिखा है – ‘आखिरकार राफेल फाइटर प्लेन आ ही गया. 126 राफेल खरीदने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व में UPA ने 2012 में फैसला लिया था और 14 राफ़ेल को छोड़कर कर बाकि भारत सरकार की HAL में निर्माण का प्रावधान था. यह भारत में आत्मनिर्भर होने का प्रमाण था. एक राफेल की कीमत 746 करोड़ तय की गई थी. मोदी सरकार आने के बाद फ्रांस के साथ मोदी जी ने बिना रक्षा व वित्त मंत्रालय व केबिनेट कमेटी की मंजूरी के नया समझौता कर लिया और HAL का हक मार कर निजी कम्पनी को देने का समझौता कर लिया. राष्ट्रीय सुरक्षा को अनदेखी कर 126 राफेल खरीदने के बजाय केवल 34 खरीदने का निर्णय ले लिया.’ Also Read - राम जन्मभूमि आज मुक्त हुई, टेंट के नीचे रह रहे रामलला के लिए अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में आगे लिखा है- ‘एक राफेल की कीमत कांग्रेस सरकार ने 746 करोड़ तय की थी लेकिन “चौकीदार” महोदय कई बार संसद में और संसद के बाहर भी मांग करने के बावजूद आज तक एक राफेल कितने में खरीदा है, बताने से बच रहे हैं. क्यों? क्योंकि चौकीदार जी की चोरी उजागर हो जायेगी!! “चौकीदार” जी अब तो उसकी कीमत बता दें!’

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है- ‘राष्ट्रीय सुरक्षा का आंकलन करते हुए रक्षा मंत्रालय ने 126 राफेल खरीदने की सिफारिश की थी जो UPA ने स्वीकार कर सहमति दी. अब मोदी जी ने 126 के बजाय 34 राफेल खरीदने का फ़ैसला क्यों लिया? यह पूछने पर भी कोई जवाब नहीं. क्या मोदी जी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ समझौता नहीं किया?’