राजगढ़: एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिहं ने कांग्रेस सरकार के पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है. दरसल, बीते दिनों खंडवा में गोवध के मामले में अल्पसंख्यक समुदाय के तीन युवकों पर रासुका के तहत कार्रवाई की गई थी. राज्य में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार आने के बाद गौ हत्या के मामले में रासुका की यह पहली कार्रवाई है. पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्य के खंडवा जिले में गौ-हत्या के आरोप में तीन लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा है कि गौ वध पर रासुका नहीं लगनी चाहिए.

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खंडवा में पिछले दिनों तीन लोगों पर हुई रासुका की कार्रवाई को लेकर सिंह ने राजगढ़ में मीडियाकर्मियों से कहा, “आरोपियों पर गौ हत्या के लिए बने कानून के तहत कार्रवाई की जाना चाहिए थी, रासुका नहीं लगनी चाहिए थी.”

बता दें कि खंडवा जिले के मोघट थाने के खरखाली गांव में गौ हत्या के मामले में पकड़े गए तीन आरोपियों के खिलाफ रासुका की कार्रवाई की गई है. तीन आरोपियों में से दो को बीते शुक्रवार और एक को सोमवार को पकड़ा गया था. तीनों आरोपियों- नदीम, उसके भाई शकील व आजम पर रासुका की कार्रवाई की गई है. तीनों जेल में हैं.

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पुलिस के अनुसार, नदीम आदतन अपराधी है और कई वारदातों को अंजाम दे चुका है. उस पर पूर्व में भी गौ हत्या का आरोप लग चुका है. पुलिस को सांप्रदायिक माहौल बिगड़ने की आशंका थी, इसी के चलते पुलिस ने यह कार्रवाई की थी.