नई दिल्ली. बसपा सुप्रीमो मायावती के आरोपों पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. मायावती ने दिग्विजय सिंह को बीजेपी का एजेंट बताया था और बसपा को खत्म करने की साजिश करने का आरोप लगाया था. इस पर दिग्विजय ने कहा है कि वह मायावती का सम्मान करते हैं और कांग्रेस-बसपा गठबंधन के पक्ष में रहे हैं.

दिग्विजय सिंह ने कहा, मैं मायावती का सम्मान करता हूं. मैं शुरू से कांग्रेस और बसपा गठबंधन का समर्थक रहा हूं. छत्तीसगढ़ में गठबंधन की बात चल रही थी, जिसमें मैं शामिल नहीं हुआ था. इस बीच मध्य प्रदेश में भी गठबंधन की बात चल रही थी, लेकिन बीच में मायावती ने 22 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी. दिग्विजय सिंह ने कहा, उनसे पूछिए मैं मोदी, अमित शाह, बीजेपी और आरएसएस का आलोचक रहा हूं. राहुल गांधी हमारे कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, हम उनके निर्देश को फॉलो करते हैं.

मायावती ने ये कहा
बता दें कि मायावती ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बीएसपी की पहचान खत्म करना चाहती है. दिग्विजय सिंह और कुछ अन्य नेता नहीं चाहते थे थे कि बसपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन हो. कांग्रेस जातिवादी पार्टी है. मायावती ने ऐलान किया कि राजस्थान और मध्यप्रदेश में बीएसपी अकेले चुनाव लड़ेगी. उन्होंने दावा किया कांग्रेस अकेले अपने दम पर बीजेपी को नहीं हरा सकती है. कांग्रेस के कुछ नेता दोनों राज्यों में गठबंधन नहीं चाहते हैं. ऐसे में कांग्रेस के साथ किसी कीमत पर चुनाव नहीं लड़ेंगे. हालांकि, इस दौरान मायावती सोनिया गांधी और राहुल गांधी को लेकर नरम दिखीं. उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी कांग्रेस-बीएसपी के गठबंधन को लेकर ईमानदार हैं. लेकिन कुछ कांग्रेस के नेता ऐसा नहीं चाहते हैं.

कांग्रेस पर आरोप लगाया
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रुख बीजेपी को हराने का नहीं, बल्कि विपक्षियों को हराने का है. कांग्रेस गठबंधन की आड़ में बीएसपी को खत्म करना चाहती है. कांग्रेस को अहंकार है कि वह अकेले चुनाव लड़ सकती है. उसे गुजरात वाली गलतफहमी अब भी बनी हुई है. उन्होंने कहा, वह बीजेपी की तरह है जो बीएसपी को खत्म करने का प्रयास कर रही है.