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नई दिल्ली, 17 अप्रैल | सर्वोच्च न्यायालय ने तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की जमानत अवधि शुक्रवार को बढ़ा दी। जयललिता आय से अधिक संपत्ति जमा करने के एक मामले में दोषी ठहराई गई हैं और उन्हें जेल की सजा सुनाई गई है।  प्रधान न्यायाधीश एच.एल. दत्तू की अध्यक्षता वाली पीठ ने जयललिता और अन्य की जमानत अवधि 12 मई तक के लिए बढ़ा दी है। Also Read - NEET MDS Counselling 2021: नीट एमडीएस के उम्मीदवारों के लिए अहम सूचना, SC ने काउंसलिंग पर लगाई रोक, जानें क्या है कारण

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति से जुड़े एक मामले में सर्वोच्च न्यायालय अगले सप्ताह फैसला सुनाएगा। मामला कर्नाटक उच्च न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक जी. भवानी सिंह की नियुक्ति से संबंधित है, जिसे द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेता के. अंबाझगन ने चुनौती दी है। न्यायालय ने अंबाझगन की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि वह इस मामले में अगले सप्ताह फैसला सुनाएगा। यह भी पढ़ें– जयललिता की जमानत की अवधि 4 माह के लिए बढ़ी

कर्नाटक उच्च न्यायालय पहले ही तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें उन्होंने उन्हें आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराते हुए सुनाई गई सजा को चुनौती दी है। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति मदन बी.लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने मंगलवार को कहा कि वह 15 अप्रैल को फैसला सुनाएगा। सर्वोच्च न्यायालय ने कर्नाटक उच्च न्यायालय से इस मामले में तब तक जयललिता की अपील पर कोई फैसला नहीं देने के लिए कहा।

उल्लेखनीय है कि कर्नाटक उच्च न्यायालय ने 11 मार्च को जयललिता की याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया था।