अहमदाबाद. केंद्र की ओर से गुजरात को एम्स की सौगात देने को एक साल से ज्यादा का वक्त हो गया है, लेकिन प्रमुख चिकित्सा संस्थान को अपने यहां लाने की कोशिश में राज्य के दो क्षेत्र आमने-सामने आ गए हैं.
विधानसभा सत्र के दौरान भी यह मामला देखने में आया है. किस इलाके को अस्पताल मिले इसको लेकर पिछले गुरूवार को सदन में सौराष्ट्र के विधायकों ने वडोदरा के विधायकों की मुखालफत की.

उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल को दोनों पक्षों को चेताना पड़ा कि इसे क्षेत्र का मुद्दा ना बनाए, क्योंकि यह केंद्र को गुजरात को एम्स की सौगात देने पर पुनर्विचार करने पर मजबूर कर सकता है. वित्त मंत्री अरूण जेटली ने साल 2017-2018 के बजट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य में एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान स्थापित करने का ऐलान किया था.

मध्य गुजरात के वडोदरा और सौराष्ट्र के राजकोट की मांग पर राज्य सरकार ने दोनों शहरों के पास संभावित जगह की पहचान की है और इस बारे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भी बताया है.