नई दिल्ली, 8 दिसम्बर | राज्यसभा की कार्यवाही केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के विवादास्पद बयान को लेकर सोमवार को भी बाधित रही। सभा की कार्यवाही शुरू होती ही सदन में हंगामा शुरू हो गया। उप सभापति पी. जे. कुरियन ने शून्य काल प्रारंभ करवाने की कोशिश की, लेकिन बजाय इसके विपक्ष के सदस्यों ने सदन में प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुरियन ने आखिरकार विपक्ष के नेता आनंद शर्मा को अपनी बात रखने का मौका दिया और कहा कि इसके बाद शून्य काल प्रारंभ किया जाएगा।

शर्मा ने कहा, “हमने अपनी मांग कम कर दी है। हमने पहले इस्तीफे की मांग को दरकिनार किया और फिर निंदा प्रस्ताव की मांग भी छोड़ दी। अब हम सिर्फ दो पंक्ति के प्रस्ताव की मांग कर रहे हैं।” शर्मा ने सदन को प्रस्ताव से अवगत कराते हुए कहा, “यह सदन संसद, मंत्रिमंडल या मंत्रिपरिषद के किसी भी सदस्य द्वारा दिए गए भड़काऊ, अपमानजनक और संविधान एवं कानून का उल्लंघन या अवमानना करने वाले बयान की निंदा करती है।”

शर्मा ने कहा कि वह सदन में यह प्रस्ताव लाएंगे। कुरियन ने हालांकि कहा अध्यक्ष की मंजूरी के बिना सदन में प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता। सदन में शोरगुल को देखते हुए सभा दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।