भोपालः ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाते ही राजनीतिक असर भी दिखने लगे हैं. मध्य प्रदेश में सियासी खींचतान और राज्य सरकार पर गहराए संकट के बीच प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. पांच जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, इनमें से तीन वे जिले हैं जिन्हें कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए पूर्व मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव क्षेत्र माने जाते हैं. Also Read - मध्यप्रदेश में कोरोना से एक और व्यक्ति ने तोड़ा दम, राज्य में संक्रमितों की संख्या 155 हुई 

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को पांच जिलों के कलेक्टर बदलने के आदेश जारी किए. इस आदेश के जरिए नीमच का कलेक्टर जितेंद्र सिंह राजे, एस विश्वनाथन को गुना, कौशलेंद्र विक्रम सिंह को ग्वालियर, पंकज जैन को विदिशा और अनुराग वर्मा को हरदा का जिलाधिकारी बनाया गया है. Also Read - दिग्विजय सिंह अमर्यादित भाषा वाले आ रहे कॉल्‍स से हुए परेशान, बंद किया मोबाइल फोन

राज्य शासन ने जिन पांच जिलों के कलेक्टर बदले हैं उनके तीन जिले ग्वालियर, गुना और विदिशा वह जिले हैं जिन्हें ज्येातिरादित्य सिंधिया का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है. सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा जाते ही उनके प्रभाव क्षेत्र के कलेक्टरों में किए गए बदलाव को राजनीतिक चश्मे से भी देखा जा रहा है. आपको बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कल 11 मार्च 2020 को कांग्रेस की सदस्यता छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर लिया था. Also Read - Coronavirus को लेकर राम गोपाल वर्मा ने किया भद्दा मज़ाक, यूजर्स बोले- थोड़ी तो शरम करो, पुलिस लेगी एक्शन

भाजपा में शामिल होते ही कांग्रेस पार्टी ने सिंधिया पर कई तरह के आरोप भी लगाए. बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले कई महीनों से राज्य सरकार से खफा चल रहे थे और भाजपा सदस्यता लेते ही उन्होंने इस बात को जगजाहिर किया कि वह प्रदेश की कांग्रेस सरकार की नीति से खफा थे. उन्होंने ने पार्टी पर अपने वादे से मुकरने के भी आरोप लगाए.