भोपालः ज्योतिरादित्य सिंधिया के भाजपा में जाते ही राजनीतिक असर भी दिखने लगे हैं. मध्य प्रदेश में सियासी खींचतान और राज्य सरकार पर गहराए संकट के बीच प्रशासनिक फेरबदल किया गया है. पांच जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, इनमें से तीन वे जिले हैं जिन्हें कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए पूर्व मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव क्षेत्र माने जाते हैं. Also Read - Madhya Pradesh Lockdown Update: भोपाल में लॉकडाउन की पाबंदियां बढ़ाई गईं, 17 मई तक विवाह समारोह पर प्रतिबंध

राज्य के सामान्य प्रशासन विभाग ने बुधवार को पांच जिलों के कलेक्टर बदलने के आदेश जारी किए. इस आदेश के जरिए नीमच का कलेक्टर जितेंद्र सिंह राजे, एस विश्वनाथन को गुना, कौशलेंद्र विक्रम सिंह को ग्वालियर, पंकज जैन को विदिशा और अनुराग वर्मा को हरदा का जिलाधिकारी बनाया गया है. Also Read - MP: महिला प्रोफेसर डॉक्‍टर पति की हत्‍या में अरेस्‍ट, खौफनाक ढंग से मर्डर को दिया था अंजाम

राज्य शासन ने जिन पांच जिलों के कलेक्टर बदले हैं उनके तीन जिले ग्वालियर, गुना और विदिशा वह जिले हैं जिन्हें ज्येातिरादित्य सिंधिया का प्रभाव क्षेत्र माना जाता है. सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा जाते ही उनके प्रभाव क्षेत्र के कलेक्टरों में किए गए बदलाव को राजनीतिक चश्मे से भी देखा जा रहा है. आपको बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कल 11 मार्च 2020 को कांग्रेस की सदस्यता छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर लिया था. Also Read - 'फोन नहीं उठा रहे अधिकारी'; भाजपा सांसद संतोष गंगवार ने सीएम योगी को लिखा पत्र, यूपी में कोरोना से हालात भयावह

भाजपा में शामिल होते ही कांग्रेस पार्टी ने सिंधिया पर कई तरह के आरोप भी लगाए. बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले कई महीनों से राज्य सरकार से खफा चल रहे थे और भाजपा सदस्यता लेते ही उन्होंने इस बात को जगजाहिर किया कि वह प्रदेश की कांग्रेस सरकार की नीति से खफा थे. उन्होंने ने पार्टी पर अपने वादे से मुकरने के भी आरोप लगाए.