चेन्नई: द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री पद के लिये राहुल गांधी की उम्मीदवारी को अपने समर्थन का बचाव करते हुए कहा है कि कांग्रेस प्रमुख के पास केंद्र में भाजपा शासन को उखाड़ फेंकने की ताकत है. उन्होंने अपने प्रस्ताव के समर्थन में मित्र धर्मनिरपेक्ष पार्टियों से सहयोग मांगा. इस प्रस्ताव को लेकर विपक्षी खेमे में हालांकि पूरी तरह से सहमति नहीं है, लेकिन स्टालिन का मानना है कि इसके लिये मित्र दलों के बीच चर्चा की जा सकती है.

साल 2019 में पीएम मोदी के करिश्मे के भरोसे है गुजरात बीजेपी, हिंदी हर्ट लैंड में हार से चिंतित

बीते सोमवार को अपने पार्टी काडर को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, ‘लोकतंत्र में समाधान सिर्फ चर्चा से निकलते हैं. इन विचार-विमर्शों से ही अच्छे नतीजे निकल कर आयेंगे.’ स्टालिन ने विपक्षी दलों से ‘लोकतंत्र की रक्षा के लिये राहुल का हाथ मजबूत करने’ की अपील की. उन्होंने कहा कि अगले साल लोकसभा चुनाव में भाजपा को बुरी तरह हराने के लिये इन ताकतों का हाथ मिलाना जरूरी है.

मुख्यमंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में दिखे दिलचस्प नजारे, ‘मामा’ शिवराज, ‘बुआ’ वसुंधरा ने जीता दिल

द्रमुक प्रमुख ने कहा कि उनका बयान सिर्फ उस तर्क पर आधारित है कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर पेश करना ही धर्मनिरपेक्ष ताकतों को जोड़ने के लिये उपयुक्त होगा. उन्होंने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा के हालिया चुनावों में कांग्रेस की जीत का उल्लेख करते हुए कहा कि राहुल गांधी में मोदी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार को हराने की ताकत है.