द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष एमके स्टालिन आज एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे । उनकी पार्टी के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री इदापड्डी के पलानीसामी के 18 फरवरी को विश्वास मत हासिल करने को विधानसभा में ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ करार देते हुए पहले से ही पूरे तमिलनाडु में अनशन पर बैठे हैं।

स्टालिन और पार्टी के वरिष्ठ नेता केएन नेहरू ने यहां के उजहवार संधाई मैदान में सुबह 9 बजे भूख हड़ताल शुरू की। आईयूएमएल के नेता केएम कादेर मोहिदीन और जीके वासन के नेतृत्व वाले संगठन तमिल मानीला कांग्रेस के कार्यकर्ता भी अनशन में शामिल हुए।

द्रमुक प्रमुख स्टालिन ने 19 फरवरी को कहा था कि उनके पार्टी के विधायकों को विधानसभा से दबावपूर्वक बाहर कर देने के बाद विश्वास मत हासिल करना परंपराओं और सदन के नियमों के विपरित है।
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उन्होंने कहा कि द्रमुक के विधायकों को वॉच ऐंड वार्ड के कर्मियों ने जबरदस्ती बाहर किया था। यह भूख हड़ताल ‘‘लोकतंत्र की हत्या’’ के विरोध में है।