शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला इन दिनों भारी जल संकट से गुजर रही है. लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है और लोग परेशान होकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. अब शिमला प्रशासन ने पानी की कमी से निपटने के लिए अवैध पानी के कनेक्शन काटने का फैसला किया है. शिमला के डिप्टी कमिश्नर अमित कश्यप ने कहा है, ”मुझे पानी के अवैध कनेक्शन के बारे में कुछ शिकायतें मिली थीं और वो जांच में सही पाई गई हैं. इसलिए हमने तय किया है कि गलत तरीके से पानी ले रहे लोगों के कनेक्शन काट दिए जाएंगे ताकि लोगों को पानी मिल सके. पानी का अवैध कनेक्शन लगाने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.”

कश्यप ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और चीफ सेक्रेटरी ने ये आदेश दिया है ताकि पानी की कमी की समस्या से निपटा जा सके. कश्यप ने बताया, ”मैंने पानी की कमी की समस्या से निपटने के लिए कई जगह जाकर हालात का जायजा लिया है, इस मामले में जांच जारी है और दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा.”

पानी की समस्या से शिमला के आम लोगों के साथ साथ पर्यटन इंडस्ट्री भी परेशान है. शिमला घूमने का प्लान बना रहे लोगों ने पानी की कमी की खबरें सुनकर अपने प्लान कैंसिल कर दिए हैं लेकिन जो लोग पहले ही शिमला पहुंच चुके हैं वो अब परेशान हो रहे हैं. शिमला में पर्यटकों को महंगे दाम पर पानी खरीदना पड़ रहा है. शिमला के होटलों में रह रहे टूरिस्टों को पीने का पानी भी सामान्य दाम से दोगुनी कीमत पर मिल रहा है.

महाराष्ट्र से शिमला घूमने पहुंचे हेमंत बदाने ने कहा, ”मैं परिवार के साथ शिमला घूमने आया था लेकिन यहां आकर जिस तरह पानी की कमी हो रही है उससे हम अपनी ट्रिप को बीच में ही खत्म करने की सोच रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”जिस होटल में हम ठहरे हैं वो हमें रोज के हिसाब से सिर्फ एक बाल्टी पानी दे रहा है और एक रात के 3500 रुपए चार्ज किए जा रहे हैं, हमें एक लीटर पानी की बोतल के लिए भी 42 रुपए देने पड़ रहे हैं.” इसी तरह बाकी कई सारे पर्यटक भी पानी की कमी के चलते अपनी ट्रिप को बीच में ही खत्म करने की सोच रहे हैं.

पानी की कमी से परेशान शिमला के लोग कई बार विरोध प्रदर्शन भी कर चुके हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हो रहा. लगातार 8 दिनों से शिमला में पानी की समस्या बनी हुई है. शिमला के निवासी ओम प्रकाश का कहना है, ”हमें पानी नहीं मिल रहा है, बड़ी मुश्किल से एक बाल्टी पानी की मिल रही है.”