क्या आपका प्रभु राम में विश्वास है... राम मंदिर के सीईओ उम्मीदवारों से पूछे जा रहे कौन से सवाल?
Ram Mandir: राम मंदिर का CEO ट्रस्ट का सबसे बड़ा एग्जीक्यूटिव अधिकारी होगा.
सभी 18 उम्मीदवार पहले ऑनलाइन इंटरव्यू हुआ. (photo credit, IANS, for representation only)
- शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है
- बताया जा रहा, रिटायर्ड IAS अधिकारी योगेश्वर मिश्रा का नाम इनमें शामिल है
- पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे इस लिस्ट में शामिल हैं
- सिलेक्शन पैनल में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस प्रमोद कोहली शामिल हैं
- लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी (रिटायर्ड) और सुरेश हवारे का भी नाम
Ram Mandir: राम मंदिर चंदा चोरी विवाद के बाद नया प्रशासनिक ढांचा तैयार करने की कोशिश हो रही है. मंगलवार को 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' के पहले फुल-टाइम चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के पद के लिए इंटरव्यू लिए गए. इसमें कुल 8 उम्मीदवारों से सवाल जवाब किए गए. इससे पहले 5,200 आवेदकों में से ये डेढ़ दर्जन उम्मीदवार चुने गए हैं.
एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, सभी 18 उम्मीदवार पहले ऑनलाइन इंटरव्यू हुआ. मंगलवार को सिर्फ आठ उम्मीदवारों का आमने-सामने इंटरव्यू हुआ, जिनमें चार पूर्व IAS अधिकारी भी शामिल थे. उन्हें अयोध्या में इंटरव्यू से पहले 34 पॉइंट वाला एक डिटेल्ड गूगल फ़ॉर्म भरना था.
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि उम्मीदवारों से कई तरह के सवाल पूछे गए. जैसे, क्या आपका प्रभु श्रीराम में भरोसा है. ज्यादातर सवाल उनके धार्मिक रीति-रिवाज, खान-पान की आदतें और राम मंदिर के लिए उनका विजन. उनके काम के अनुभव, परिवार और हिंदू धर्म के रीति-रिवाजों के बारे में भी पूछा गया. इंटरव्यू देने वालों से उनकी लीडरशिप क्षमता और धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों के बारे में भी सवाल पूछे गए. हर उम्मीदवार का इंटरव्यू लगभग एक या दो घंटे तक चला.
- गूगल फ़ॉर्म में पूछे गए प्रमुख सवाल
- क्या आप शिखा (चोटी) रखते हैं?
- क्या आप जनेऊ पहनते हैं?
- क्या आप मांसाहारी भोजन करते हैं?
- क्या आप पूरी तरह शाकाहारी हैं या मांसाहारी खाना खाते हैं?
- क्या आप शराब पीते हैं या बिल्कुल नहीं पीते?
- क्या आप कट्टर हिंदू हैं?
- क्या आप हिंदू धर्म के अनुसार कपड़े पहनने में सहज रहेंगे?
- आपने कहां काम किया है?
- आपने कितनी बड़ी भीड़ को संभाला है?
- भगवान राम में आपकी कितनी आस्था है?
- क्यों लिया गया सीईओ नियुक्ति का फैसला?
फुल-टाइम CEO नियुक्त करने का फ़ैसला डोनेशन में हेराफेरी के आरोप सामने आने के बाद लिया गया. इस मामले में आठ लोगों को गिरफ़्तार किया गया है, जबकि ट्रस्ट के पूर्व जनरल सेक्रेटरी चंपत राय समेत तीन अधिकारियों ने अपने पद छोड़ दिए हैं.
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