नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच पिछले पचास दिनों से डोकलाम में जारी विवाद के कूटनीतिक समाधान की एक उम्मीद दिख रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी डोकलाम के विवादित क्षेत्र से 100 मीटर पीछे हटने को तैयार हो गई है लेकिन भारत उसे 250 मीटर पीछे हटाने पर अड़ा हुआ है. हालांकि चीन के सरकारी मीडिया में काफी विरोधाभाषी संपादकीय छापे जा रहे हैं. इससे पहले चाइना डेली ने तो बुधवार को युद्ध के काउंटडाउन तक की घोषणा कर दी.

भारत ने डोकलाम विवाद पर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा था कि चीन विवादित प्वाइंट से 250 मीटर पीछे हटे. इसके बाद ही इस पर बातचीत हो सकती है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन 100 मीटर पीछे हटने के तैयार हो गया है. लेकिन उसकी शर्त है कि भारत को भी अपनी पुरानी स्थिति पर चले जाना चाहिए. वहीं भारत की मांग है कि चीनी सैनिक 250 मीटर दूर चले जाएं. इससे पहले चीन लगातार भारत को युद्ध की धमकी देता रहा है. पीएलए, रक्षा मंत्रालय ने तो सख्त भाषा में बात कर अपनी ताकत का बखान करने में कसर नहीं छोड़ी है. चाइना डेली और ग्लोबल टाइम्स जैसे सरकारों अखबार आए दिन युद्ध की धमकी दे रहे हैं. कई बार भाषा की मर्यादा भी ताक पर रख दी गई.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने एक भारतीय सैन्य अधिकारी के हवाले से लिखा है कि भारतीय सेना डोकलाम में चीनी सैनिकों के प्रति “नो वार, नो पीस” की नीति पर फिलहाल चल रही है. वहीं, चीनी सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने एक चीनी सैन्य अधिकारी के हवाले से लिखा है कि चीनी सैनिक डोकलाम से एक कदम भी पीछे नहीं हटेंगे. ये दोनों रिपोर्ट विरोधाभाषी प्रतीत होती हैं. ऐसे में चीनी सैनिकों के 100 मीटर पीछे हटने पर राजी होने की खबर सिर्फ कयासों पर आधारित भी हो सकती है.

डोकलाम पर नहीं झुकेगा चीन

वहीं, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के शीर्ष विश्लेषकों ने कहा कि चीन डोकलाम गतिरोध समाप्त करने को लेकर कोई समझौता नहीं करेगा. इन्होंने प्रोपेगेंडा का सिलसिला जोरदार तरीके से शुरू करते हुए यहां भारतीय पत्रकारों के एक समूह को यह बताने की कोशिश की कि भारत ने डोकलाम में सैन्य बलों को भेजकर चीन के संकल्प का गलत आकलन किया है.

भारत और चीन के बीच पिछले 50 दिनों से सिक्किम सेक्टर के डोकलाम इलाके में गतिरोध जारी है. डोकलाम में भारतीय बलों ने चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को सड़क का निर्माण करने से रोका था जिसके बाद यह गतिरोध शुरू हुआ.

चीन ने दावा किया कि वह अपने क्षेत्र में सड़क का निर्माण कर रहा था. वह डोकलाम से भारतीय बलों के पीछे हटने की मांग कर रहा है. भूटान का कहना है कि डोकलाम उसका हिस्सा है जबकि चीन इस क्षेत्र पर अपनी संप्रभुता का दावा करता है. चीन ने दावा किया है कि डोकलाम को लेकर भूटान का चीन से कोई विवाद नहीं है.