धमकियों के बाद मजाक की हद तक बढ़ा चीन, गिनाए भारत के 7 पाप

डोकलाम पर धमकियों के सिलसिले के बाद चीन भद्दे मजाक की हद तक उतर आया है...

Published date india.com Updated: August 17, 2017 4:47 PM IST
Doklam standoff: China’s Xinhua agency releases racist video parodying Indians | धमकियों के बाद मजाक की हद तक बढ़ा चीन, वीडियो में उड़ाया भारतीयों का मजाक
डोकलाम पर धमकियों के सिलसिले के बाद चीन भद्दे मजाक की हद तक उतर आया है...

नई दिल्ली. डोकलाम पर धमकियों के सिलसिले के बाद चीन भद्दे मजाक की हद तक उतर आया है. चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें नस्लभेदी टिप्पणी कर भारत और देश के नागरिकों पर मजाकिया टिप्पणी की गई है. चीनी समाचार एजेंसी ने वीडियो में भारत के 7 पापों का जिक्र किया है. ये वीडियो देखकर हर कोई समझ सकता है कि चीन किस तरह झूठ की चादर ओढ़कर बैठा हुआ है.

3 मिनट से ज्यादा लंबे इस वीडियो में ‘7 Sins of India: It’s time for India to confess its seven sins’ (भारत के 7 पापः भारत के लिए ये उसके गुनाह कबूलने का वक्त है) नाम से टाइटल दिखाया गया है. इसमें एक शख्स को पगड़ी और नकली दाढ़ी पहने दिखाया गया है. ये किसी सिख का मजाक उड़ाने की कोशिश नजर आती है. इसमें शख्स वैसी ही अंग्रेजी बोल रहा है, जैसी अधिकतर भारतीय बोलते हैं.

सिख अल्पसंख्यकों को वीडियो के जरिए टारगेट किया गया है. इस वीडियो में एक महिला डोकलाम विवाद को लेकर भारत पर निशाना साध रही है और एक-एक करके डोकलाम गतिरोध पर भारत के कदम को गलत ठहरा रही है. इस वीडियो को द स्पार्क ने बनाया है. चीन की एजेंसी ने जो 7 पाप गिनाए हैं, उनमें- गिनाए ये सात पाप अतिक्रमण, दोनों देशों के समझौते का उल्लंघन, अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ना, सही और गलत में उलझाना, पीड़ित पर ही आरोप लगाना, छोटे पड़ोसी को धमकाना, जानते हुए भी गलती को दोहराना शामिल है.

वीडियो में कहा है कि भारत एक ऐसा पड़ोसी है जो बिना बताए आपके घर में सैनिक और बुलडोज़र लेकर घुस आया. उन्होंने भारत पर अंतरराष्ट्रीय नियमों को तोड़ने का भी आरोप लगाया. इसमें कहा गया है कि चीन अभी भी अपनी उस मांग पर कायम है जिसमें उसने कहा था भारत को बिना किसी शर्त के अपनी सेना हटानी चाहिए. वहीं इस बात को भी दोहरा गया है कि भूटान ने भारत की मदद नहीं मांगी है और भूटान मानता है कि डोकलाम भूटान का हिस्सा नहीं है.

बीती 15 अगस्त को लद्दाख में पेंगांग झील में भारत और चीन के सैनिक आमने सामने आ गए थे. भारतीय सीमा में घुसे चीनी सैनिकों को आईटीबीपी के जवानों ने रोक दिया था, जिसके बाद वह अपनी सीमा में लौट गए और पथराव किया. इसमें दोनों तरफ के जवानों को हल्की चोटें आई थीं. इस घटना के बाद भारत एवं चीन के सैन्य अधिकारियों के बीच लेह के चुशूल क्षेत्र में बुधवार को बैठक हुई. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीमा कर्मी बैठक (बीपीएम) में पेंगांग और लद्दाख स्थित भारत-चीन सीमा पर शांति बरकरार रखने के बारे में बातचीत हुई.

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लद्दाख की पथराव वाली घटना के बारे में पूछे जाने पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा, ‘यह ऐसा विषय नहीं है कि सरकार को टिप्पणी करनी पड़े.’ सूत्रों ने बताया कि आज की बीपीएम पहले से ही निर्धारित थी. बैठक में सीमा पर शांति बरकरार रखने के लिए मौजूदा तंत्र को मंजबूत बनाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. इस बैठक में दोनों पक्षों की ओर से ब्रिगेडियर रैंक के अधिकारियों ने भाग लिया. पेंगांग झील के दो तिहाई हिस्से पर चीन का नियंत्रण है जबकि इसके एक तिहाई भाग पर भारत का नियंत्रण है.

लद्दाख की घटना डोकलाम में भारत एवं चीनी सेनाओं के बीच तनातनी की पृष्ठभूमि में हो रही है. यह क्षेत्र भारत-भूटान-चीन के बीच में पड़ता है और इसे लेकर तनातनी तीसरे माह में प्रवेश कर गई है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि तनातनी के बावजूद भारतीय सैनिकों एवं पीएलए सैनिकों के बीच सीमा पर विभिन्न जगहों पर मिठाइयों का आदान प्रदान हुआ. इनमें डोकलाम भी शामिल है. स्वाधीनता दिवस एवं गणतंत्र दिवस के अवसर पर मिठाइयों के आदान प्रदान की परंपरा पिछले कई सालों से चली आ रही है.

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