नई दिल्ली: नागर विमानन मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि देश में घरेलू विमान किराए के लिए तय ऊपरी और निचली सीमा में 24 नवंबर तक कोई बदलाव नहीं होगा. मंत्रालय ने 21 मई को यह सीमा तय की थी जो 24 अगस्त तक प्रभावी थी. मंत्रालय का कहना है, ‘‘कोविड-19 से उत्पन्न मौजूदा हालात के अनुरुप, केन्द्र सरकार ..निर्देश देती है कि आदेश 24 नवंबर, 2020 रात 11 बजकर 59 मिनट तक या फिर अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा.’’ Also Read - Delhi International Airport: दिल्ली एयरपोर्ट से यात्रा करने वालों को लग सकता है झटका, यात्रियों को चुकाना होगा नया शुल्क

कोरोना वायरस संक्रमण के कारण करीब दो महीने तक बंद रहने के बाद घरेलू विमान यात्री सेवा 25 मई से बहाल हुई है. विमानन नियामक डीजीसीए ने 21 मई को ऊपरी और निचली सीमा के साथ विमान किराए की सात श्रेणी तय की थी. इसमें एक श्रेणी ऐसी उड़ानों की भी है जिसमें 40 मिनट से कम समय लगता है. पहली श्रेणी के लिए निचली और ऊपरी सीमा क्रमश: दो हजार और छह हजार रुपये है. Also Read - फिर से फुल फन होगा हवाई सफर, Flights में मिलेगा ड्रिंक्स-गर्म खाना, मनोरंजन का भी इंतजाम

बता दें कि जून में ही नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने घरेलू रूट पर विमानों के किराए पर कैपिंग की घोषणा की थी. उस दौरान यह कैपिंग 24 अगस्त तक के लिए थी, जिसे अब 3 महीने के लिए और बढ़ा दिया गया है. Also Read - श्रीनगर रूट का हवाई टिकट महंगा, विमानन मंत्रालय ने एयरलाइंसों को किराया कंट्रोल में रखने को कहा

आपको बता देंकि 40 मिनट से कम अवधि वाली उड़ान के लिए अभी न्यूनतम किराया 2,000 रुपए और अधिकतम किराया 6,000 रुपए तय किया गया था. 40 से 60 ​मिनट के लिए यह लिमिट क्रमश: 2,500 रुपये और 7,500 रुपये था. 60 से 90 मिनट की फ्लाइट के लिए न्यूनतम किराया 3,000 रुपये और अधिकतम किराया 9,000 रुपये तय किया गया है. इसी प्रकार 90 से 120 मिनट के लिए यह लिमिट 3,500 और 10,000 रुपये की है. 120 मिनट से 150 मिनट की अवधि वाले फ्लाइट्स के​ लिए किराया 4,500 रुपये से लेकर 13,000 रुपये के बीच निर्धारित की गई है. 150 मिनट से लेकर 180 मिनट की फ्लाइट के लिए किराया कम से कम 5,500 रुपये और अधिकतम 15,570 रुपए रखा गया है.