श्रीनगर: जम्मू कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार को कहा कि विकेंद्रीकरण कानून के तहत नए मूल निवासी प्रमाणपत्र की जरूरत नौकरी का आवेदन करने के लिए होगी. केंद्रशासित प्रदेश में जमीन खरीदने का अधिकार हासिल करने के लिए अलग नियम की जरूरत होगी. प्रधान सचिव (राजस्व) पवन कोतवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मूल निवासी प्रमाणपत्र जम्मू कश्मीर में नौकरी को लेकर आवेदन करने के लिए है. यह जमीन खरीदने का अधिकार नहीं देता है.’’ Also Read - हथियारों के साथ-साथ ड्रग्स की तस्करी के फिराक में था पाकिस्तान, BSF ने मंसूबों को किया नाकाम

उन्होंने कहा कि भूमि अधिकार हासिल करने के संबंध में अलग नियमों की जरूरत होगी. संवाददाता सम्मेलन में उनके साथ सरकारी प्रवक्ता रोहित कंसल भी थे. कंसल ने कहा कि सरकार ने 12.5 लाख से ज्यादा मूल निवासी प्रमाणपत्र जारी किए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘99 प्रतिशत से ज्यादा मूल निवासी प्रमाणपत्र ऐसे लोगों को जारी किए गए हैं जिनके पास पहले से ही पहले का स्थायी निवासी प्रमाण पत्र (पीआरसी) है . ’’ Also Read - पाकिस्‍तान ने जम्मू-कश्मीर में ड्रोन से गिराए हथियार, लश्‍कर के तीन आतंकी गिरफ्तार

कंसल ने कहा कि सरकार ने पीआरसी धारकों के लिए मूल निवासी प्रमाणपत्र जारी करने की समय सीमा भी 15 दिनों से घटाकर महज पांच दिन कर दी गयी है. उन्होंने कहा, ‘‘मूल निवासी प्रमाणपत्र पाने के लिए पीआरसी धारक होना ही काफी है. आगे किसी तरह का सत्यापन नहीं होगा. यह प्रक्रिया को सुगम करेगी.’’ Also Read - रिहा होने के बाद पहली बार लोकसभा में बोले फारूक अब्दुल्ला, उठाया कश्मीर मुद्दा, पड़ोसी देश को लेकर कही ये बात

(इनपुट भाषा)