डोनाल्ड ट्रंप के 8800000 रुपये के H-1B वीजा पर आया भारत का पहला रिएक्शन, केंद्र सरकार ने कही ये बड़ी बात

अमेरिका ने H-1B वीजा फीस बढ़ाकर 1 लाख डॉलर (88 लाख रुपये) कर दी है. ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स और उनके परिवारों पर बड़ा असर पड़ेगा. जानें भारत सरकार ने इस पर क्या कहा?

Published date india.com Published: September 20, 2025 9:15 PM IST
डोनाल्ड ट्रंप के 8800000 रुपये के H-1B वीजा पर आया भारत का पहला रिएक्शन, केंद्र सरकार ने कही ये बड़ी बात
Trump-Modi File image

ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा पर सख्त नियम लागू कर दिए हैं, जिससे भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स चिंता में आ गए हैं. इस पर विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा भारत इस फैसले के प्रभावों का अध्ययन कर रहा है, और अमेरिका से उम्मीद करता है कि पेशेवरों और उनके परिवारों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े. मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत और अमेरिका दोनों देशों की इंडस्ट्रीज लंबे समय से इनोवेशन और तकनीकी प्रगति में साथ देती आई हैं.

अब H-1B वीजा के लिए देने होंगे 88 लाख रुपये

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B वीजा फीस को बढ़ाकर 1,00,000 अमेरिकी डॉलर (लगभग 88 लाख रुपये) कर दिया है. इसका मतलब यह है कि अमेरिका में पहले से काम कर रहे वीजा होल्डर्स भी तभी रह पाएंगे, जब उनकी कंपनियां यह भारी-भरकम फीस हर साल जमा करेंगी. इसके अलावा, नए H-1B वीजा और एक्सटेंशन के लिए भी यही रकम देनी होगी. रविवार 21 सितंबर से यह नियम लागू होगा और जो लोग इस तारीख से पहले अमेरिका नहीं पहुंच पाए, वे फंस सकते हैं.

जानें भारत सरकार ने इस पर क्या कहा?

विदेश मंत्रालय ने चिंता जताई है कि इन नए नियमों से हजारों भारतीय परिवार प्रभावित होंगे. जो लोग H-1B वीजा पर अमेरिका में काम कर रहे हैं, उनके जीवन में अस्थिरता बढ़ जाएगी. अचानक से इतनी बड़ी फीस का बोझ न केवल कर्मचारियों बल्कि उनकी कंपनियों पर भी भारी पड़ेगा. इससे भारतीय आईटी कंपनियों की ग्लोबल प्लानिंग पर असर पड़ सकता है. साथ ही, परिवारों के लिए यह स्थिति तनावपूर्ण होगी, क्योंकि भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है. भारत सरकार ने अमेरिका से अपील की है कि वह इन व्यवधानों को दूर करने का रास्ता निकाले.

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