नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगरा दौरे को देखते हुए जबरदस्त सुरक्षा इंतजाम किया जा रहा है. हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप और उनके परिवार की सुरक्षा का जिम्मा अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के पास होगी. लेकिन बाहरी सुरक्षा की जिम्मेदारी एनएसजी और यूपी पुलिस के हवाले है.सुरक्षा ऐसी की गई है कि आकाश से पाताल तक, परिंदा भी पर न मार सके. लेकिन सुरक्षा एजेंसियों को एक खास चिंता सता रही है. इस इलाके में बंदरों ने काफी उत्पात मचा रखा है, लिहाजा सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक न हो जाए इसके लिए खासतौर पर लंगूरों को भी तैनात किया जा रहा है, ताकि बंदरों के उत्पात को रोका जा सके. ऐसे पांच लंगूरों की तैनाती राष्ट्रपति ट्रंप के रूट पर की जा रही है. Also Read - Coronvirus Latest Update From US: एक दिन में 1900 मौतें पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- आशंका से कम, 400000 लोग संक्रमित

गौरलतब है कि 24 फरवरी को प्रस्तावित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा को लेकर सुरक्षा घेरा तैयार कर लिया गया है. हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अफसरों को कुछ भी बताने का निर्देश नहीं है, लेकिन जो जानकारी सामने आई है, उसके अनुसार 10 कंपनी अर्धसैनिक बल, 10 कंपनी पीएसी के साथ एटीएस और एनएसजी के कमांडो को तैनात किया जाएगा. एक कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं. ताजमहल का दीदार करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया 24 फरवरी को आगरा आएंगे. आगरा प्रशासन के मुताबिक, ताजमहल और एयरपोर्ट के बीच सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई जिलों की पुलिस को लगाया गया है. पैरा मिलिट्री फोर्स, पीएसी, एनएसजी कमांडो, एटीएस सड़क और छतों पर तैनात रहेंगे. Also Read - Coronavirus Cases in US: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने WHO का पैसा रोका, कहा- यह संगठन चीन के लिए करता है काम

वहीं, दूसरी तरफ अमेरिकी टीम सैटेलाइट से भी निगरानी करेगी. इस वजह से ट्रंप जहां से भी गुजरेंगे वहां के मोबाइल ऑटोमेटिक बन्द हो जाएंगे. पुलिस के वायरलेस और सीयूजी फोन्स की फ्रीक्वेंसी पहले से दे दिए जाने के कारण उनके संचार के साधन चलते रहेंगे. ट्रंप के करीब रहकर सुरक्षा व्यवस्था संभालने का काम अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां ही करेंगी. यात्रा के दौरान ट्रंप की दो कारें काफिले में होंगी और वो किस कार में होंगे यह केवल कुछ ही लोगों को जानकारी होगी. यह कार सिर्फ अमर विलास होटल तक ही जा सकती है. कोर्ट की गाइडेंस के चलते इसके आगे 50 मीटर तक रास्ता बैट्री वाहन या गोल्फ कार से ही तय किया जाएगा. Also Read - ट्रंप की धमकी के बाद अमेरिका को दवा भेजने पर राहुल गांधी ने कहा- मदद की जाए, लेकिन...

अमेरिकी राष्ट्रपति की यात्रा को देखते हुए मुगल बादशाह शाहजहां और मुमताज की कब्रों की पहली बार मडपैक ट्रीटमेंट के जरिए सफाई की जा रही है, ताकि उस पर एक भी दाग न दिखे. भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने दोनों कब्रों पर मुल्तानी मिट्टी का लेप लगाकर गंदगी और दाग मिटाने का काम शुरू कर दिया है. ताजमहल बनने के बाद यह पहला मौका है जब एएसआई कब्रों पर मुल्तानी मिट्टी लगाकर मडपैक ट्रीटमेंट से सफाई कार्य करवा रहा है.