'घबराएं नहीं, सरकार के पास है LPG का पर्याप्त स्टॉक', PM मोदी ने खुद संभाली है कमान- जानिये क्या आया ताजा अपडेट

LPG Crisis: बैठक में PM मोदी ने मंत्रियों को यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने को कहा कि भारतीय उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और कीमत पर पश्चिम एशिया संघर्ष का असर न झेलना पड़े.

Published date india.com Published: March 11, 2026 2:54 PM IST
PM Modi. (File Photo PTI)
PM Modi. (File Photo PTI)

इरान-इजरायल की जंग का असर भारत में दिखना शुरू हो गया है. सरकारी महकमों में तेल और गैस संकट को लेकर बैठकों का दौर जारी है. दिल्ली-नोएडा समेत कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर मिलने में दिक्कतें शुरू हो गई हैं. सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में LPG का पर्याप्त स्टॉक है और घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. हालांकि अंतरराष्ट्रीय हालात बिगड़ने पर सप्लाई मैनेजमेंट के लिए कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं. मंगलवार (10 मार्च 2026) देर शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की. बैठक के दौरान पीएम मोदी ने मंत्रियों को यह सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करने को कहा कि भारतीय उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति और कीमत पर पश्चिम एशिया संघर्ष का असर न झेलना पड़े. न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी.

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PM मोदी ने खुद संभाली कमान

अमेरिका-इजरायल की तरफ से ईरान पर हमला करने के बाद से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच तेल की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुई है जंग की वजह से भारत में रसोई गैस समेत पेट्रोलियम उत्पादों की संभावित कमी की आशंका जताई गई है. न्यूज एजेंसी PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि प्रधानमंत्री मोदी सक्रिय रूप से यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि भारतीय उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती कीमतों का सीधा असर न भुगतना पड़े, क्योंकि भारत कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का आयातक है.

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प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों के साथ की बैठक

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से समन्वय से काम करने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों और एलपीजी की कोई कमी नहीं हो. प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्री एस जयशंकर, तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ बैठक कर देश में ऊर्जा की स्थिति पर चर्चा की. सूत्रों ने बताया कि भारत अब अपनी खरीद में विविधता लाने के साथ अन्य देशों से भी ऊर्जा संसाधन ले रहा है, जिसमें अमेरिका, रूस, वेनेजुएला, ऑस्ट्रेलिया और अन्य महासागरीय देश शामिल हैं. इससे देश की ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा मिलने की संभावना है.

किन क्षेत्रों को मिलेगी प्राथमिकता

पश्चिम एशिया संकट के बीच, भारत ने कहा है कि LPG उत्पादन, CNG और पाइप्ड रसोई गैस को प्राकृतिक गैस का उपयोग करने वाले अन्य सभी क्षेत्रों पर प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि सरकार ने घरों और परिवहन क्षेत्रों के लिए निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के संबंध में आवंटन में फेरबदल किया है.

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