नई दिल्‍ली: हिमाचल के मुख्‍यमंत्री जयराम ठाकुर ने शिवसेना के मुखपत्र के सामना की उस टिप्‍पणी पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया, जिसमें कंगना रनौत को केंद्र द्वारा सुरक्षा देने को लेकर सवाल उठाए हैं. हिमाचल के मुख्‍यमंत्री ने कहा, सामना के बारे में बात नहीं करना चाहता, मैंने इसे नहीं पढ़ा, लेकिन शिवसेना की जड़ें खत्म हो रही हैं. जिस उद्देश्य के साथ शिवसेना का गठन किया गया. उसकी स्थिति तब से कांग्रेस जैसी हो गई जब से वह उनके साथ सत्ता में आई थी. वे अपनी शक्ति को सुरक्षित रखने के लिए ऐसा कह रहे हैं. Also Read - महाराष्ट्र में 31 अक्टूबर तक बढ़ा लॉकडाउन, होटल खुलेंगे, राज्य के अंदर ट्रेनें चलेंगी, जानें डिटेल

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ के आज के लेख में लिखा है, ”हिंदुत्व और संस्कृत का धर्म और 106 शहीदों के त्याग का अपमान किया गया तथा ऐसा अपमान करके छत्रपति शिवराय के महाराष्ट्र पर नशे की पिचकारी फेंकने वाले व्यक्ति को केंद्र सरकार विशेष सुरक्षा की पालकी का सम्मान दे रही है.” Also Read - कंगना रनौत को पता है फैशन सीक्रेट, बोलीं- गांव की जोकर थी, लोग हंसते थे, फिर....

शिवसेना नियंत्रित बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने 33 वर्षीय एक्‍ट्रेस के बांद्रा स्थित बंगले में बदलावों को ढहा दिया. रनौत ढहाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद मुंबई पहुंचीं. उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र सरकार उन्हें शिवसेना के साथ उनकी लड़ाई के चलते निशाना बना रही है, जब उन्होंने मुंबई की तुलना पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से की थी. रनौत ने कहा था कि बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उन्हें फिल्म माफिया से कहीं अधिक डर मुंबई पुलिस से लगता है.

शिवसेना सरकार ने मंगलवार को कहा कि मुंबई पुलिस इन आरोपों की जांच करेगी कि रनौत ने मादक पदार्थ लिया. रनौत फिल्म उद्योग के एक वर्ग द्वारा मादक पदार्थ दुरुपयोग के बारे में बोली हैं. हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने रनौत के मनाली स्थित आवास पर सुरक्षा मुहैया कराई है. उन्होंने कहा कि केंद्र द्वारा मुहैया कराई गई वाई-प्लस श्रेणी की सुरक्षा के तहत सीआरपीएफ के 11 कमांडों रनौत के साथ रहेंगे. ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सर्वश्रेष्ठ कदम उठाएगा.

मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा, ”कंगना हिमाचल प्रदेश की बेटी हैं और उन्होंने न केवल राज्य बल्कि पूरे देश की ख्याति बढ़ाई है.” उन्होंने कहा कि उन्हें उनके क्षेत्र में काम करने का उचित माहौल मिलना चाहिए. इस पर कांग्रेस विधायक राम लाल ठाकुर ने कहा कि उनके कार्यालय का मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए विधानसभा में कोई टिप्पणी करना उचित नहीं.